Sheikhpura News : नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर व पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आइसा, आरवाईए और अन्य छात्र संगठनों द्वारा आहूत बिहार बंद का शेखपुरा में मिला-जुला असर देखने को मिला. छात्र और भाकपा माले के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
पटेल चौक से चांदनी चौक तक निकला विरोध मार्च
आइसा छात्र नेता रिकी खान के नेतृत्व में छात्र और भाकपा माले कार्यकर्ता पटेल चौक से हाथों में झंडे लेकर कटरा बाजार होते हुए चांदनी चौक तक मार्च निकाला. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी की तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई.
बाजार खुले रहे, पुलिस रही मुस्तैद
बिहार बंद के दौरान शेखपुरा शहर में बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे और वाहनों का परिचालन भी सामान्य रहा. हालांकि जुलूस गुजरने के दौरान कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा. पूरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा, जिसके कारण कहीं भी सड़क जाम या जबरन बाजार बंद जैसी स्थिति नहीं बनी.
कई नेताओं ने लिया प्रदर्शन में हिस्सा
प्रदर्शन में आरवाईए के प्रवीण कुशवाहा, भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय, कमलेश कुमार मानव, कमलेश प्रसाद, राजेश राय सहित कई छात्र और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे.
ससबहना बाजार में भी छात्रों ने किया प्रदर्शन
अरियरी प्रखंड के ससबहना बाजार में भी बिहार बंद के समर्थन में आइसा-आरवाईए के बैनर तले छात्रों ने जुलूस निकालकर सभा की. सैकड़ों छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में आयोजित सभा को किसान नेता कमलेश मानव, आइसा-आरवाईए नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा, छोटू कुमार, अजय कुमार, चंद्रशेखर आजाद, काजल कुमारी, निशा कुमारी, स्नेहा कुमारी, अंजनी कुमारी और विकास कुमार ने संबोधित किया.
पेपर लीक पर कार्रवाई और दमन रोकने की मांग
सभा में वक्ताओं ने पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग उठाई. छात्र नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होने और छात्रों की मांगों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
