सरकारी सेवक का दर्जा मिले

विरोध. आंगनबाड़ी सेविकाओं का जेल भरो अभियान शुरू राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप शेखपुरा : आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका ने सोमवार से जेल भरो अभियान शुरू कर दिया. अपने आंदोलन के क्रम में बड़ी संख्या में जिले भर से आयी आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका समाहरणालय पर आ धमकी. सभी महिला कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के […]

विरोध. आंगनबाड़ी सेविकाओं का जेल भरो अभियान शुरू

राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप
शेखपुरा : आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका ने सोमवार से जेल भरो अभियान शुरू कर दिया. अपने आंदोलन के क्रम में बड़ी संख्या में जिले भर से आयी आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका समाहरणालय पर आ धमकी. सभी महिला कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के सुरक्षा घेरा को तोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगी. इस बीच दंडाधिकारी और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया. इस दौरान समाहरणालय में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. सभी आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका अपनी-अपनी गिरफ्तारी देने लगे. इन आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिका अपनी-अपनी गिरफ्तारी देने लगे.
इन आंगनबाड़ी सेविकाओं के आंदोलन का समर्थन कर रहे बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ (सेवांजलि) के नेता आनंदी प्रसाद सिंह तथा सीपीआइ के जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. बाद में सभी को मुख्य बधार के सड़क मार्ग से थाना लाया गया. बीच रास्ते में भी सभी जोर-जोर से सरकार विरोधी नारा लगा रहे थे. महिला की संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिस को भी भारी मशक्कत करना पड़ रहा था.
इस गिरफ्तारी को लेकर बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मियों की व्यवस्था करनी पड़ी थी. आंदोलनकारियों ने बताया कि उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा. साथ ही गोवा व तेलांगना राज्य की भांति मानदेय की भी मांग कर रही है. गौरतलब है कि 24 मार्च से जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला जड़ कर ये आंदोलनरत है. बिहारशरीफ. बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले जिले की आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर स्थानीय अस्पताल चौक को जाम कर दिया. आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की एवं प्रदर्शन किया. राज्य संघ के निर्देश पर पूरे राज्य में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के द्वारा जेल भरो अभियान के तहत सैकड़ों लोगों ने गिरफ्तारियां दी. इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार जब तक उनकी 14 सूत्री मांगों को पूरा नहीं करती है तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने आंगनबाड़ी की सभी सेविका एवं सहायिकाओं को सरकारी कर्मी घोषित करने एवं सेविका को कम से कम 15 हजार एवं सहायिकाओं को 10 हजार रुपये मानदेय के रूप में देने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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