बैठक में शिक्षक संघ में एकता व आंदोलन के लिए बनायी रणनीति.
शेखपुरा : जिले में एमडीएम की आड़ में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पिछले दिनों सांगठनिक फैसले के बाद एक बार फिर शिक्षक संघ ने कड़े रुख अख्तियार कर लिए हैं. शिक्षक संघ का यह तेवर एमडीएम के लिए अधिकारियों के द्वारा बनाये जा रहे हैं, अन्याय पूर्ण दबाव के खिलाफ है. इस बाबत बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजय कुमार में रविवार को संघ की एक बैठक बुलायी.
बैठक की जानकारी देते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना बिहार में ऊपरी लेवल पर व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने एवं शिक्षकों को इस कार्य से अलग करने की मांग को लेकर संघ ने आंदोलनात्मक रुख अख्तियार किया था.
संघ के फैसले के मुताबिक जिले के विद्यालय प्रधानों ने मध्याह्न भोजन योजना को अपने विद्यालय में बंद कर दिया. लेकिन प्रशासनिक महकमा शिक्षकों को फर्जी मध्याह्न भोजन का रिपोर्ट भेजने और कागजों पर ही मध्याह्न भोजन चलाने का लगातार दबाव बना रहे हैं.
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारियों के इस रवैया से जिले के मध्याह्न भोजन योजना में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ अपने आंदोलन के साथ साथ इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय में भी मामला लंबित होने की बात कही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में डब्लू जेसी 1776 / 2017 में आगामी 17 अप्रैल को सुनवाई किया जाना है. न्यायालय ने साफ लफ्जों में निर्देशित करते हुए शिक्षकों पर वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने को कहा था. इसके बाद भी लगातार अधिकारियों के द्वारा शिक्षकों को मिल रही धमकियों को संघ बरदाश्त नहीं करेगा. बैठक के मौके पर मौजूद दर्जनों शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए विचाराधीन. इस मामले का फैसला आने तक सभी प्रशासनिक कार्यवाही और धमकी का दौर नहीं थमा तब एक बार फिर आंदोलन किया जायेगा.
