बरबीघा : बरबीघा-सरमेरा रूट पर सड़क जाम की समस्या अब नासूर बन गयी है. महज 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए घर से निकले यात्रियों को इस जानलेवा गरमी में लगी जाम के कारण 5 से 10 घंटे हलकान होकर बिताने पड़ रहे हैं. सिंगल रोड,सड़कों पर अतिक्रमण वाहनों की बहुतायत, सड़क पर मवेशियों का बांधना, सड़क के किनारे बसे लोगों द्वारा घरेलू कार्यों के लिए सड़क का इस्तेमाल करना भी ऐसे कई मूलभूत कारण है. जिसके कारण इस रूट में जाम एक आम समस्या बन गयी है.
बरबीघा-सरमेरा रूट पर जाम की समस्या
बरबीघा : बरबीघा-सरमेरा रूट पर सड़क जाम की समस्या अब नासूर बन गयी है. महज 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए घर से निकले यात्रियों को इस जानलेवा गरमी में लगी जाम के कारण 5 से 10 घंटे हलकान होकर बिताने पड़ रहे हैं. सिंगल रोड,सड़कों पर अतिक्रमण वाहनों की बहुतायत, […]

इसके पूर्व पुलिस प्रशासन द्वारा वाहनों से अवैध वसूली भी एक जाम का एक प्रमुख कारण मानी जाती थी परंतु अखबारों में समाचार के प्रकाशन के बाद पुलिस कप्तान के द्वारा कड़ा रुख लिए जाने के बाद इस समस्या का आंशिक समाधान हो गया है. बावजूद इसके दो दो दिलों में पढ़ने वाले इस रूट पर प्रशासन की अलग-अलग भूमिका और सक्रियता रहने के कारण जाम को हटाना एक टेढ़ी खीर बन गयी है. प्रखंड विकास कार्यालय से कुछ दूरी तक नाला के निर्माण का कार्य जारी रहने एवं पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क की खुदाई कर पेयजल की आपूर्ति के लिए मरम्मत करने से मुख्य बाजार में इस रूट की सड़क और भी संकरी कर दी गई है.
जबकि नारायणपुर एवं कोयरी बीघा आदि मोहल्ले में फुटपाथ का इस्तेमाल सड़क के किनारे बसे लोगों के द्वारा मवेशियों के बांधे जाने एवं अन्य घरेलू इस्तेमाल के कारण अभी जाम एक आम घटना बन गई है. बरबीघा से मोकामा राष्ट्रीय उच्च पथ की सूचना मिल जाने से स्थानीय लोगों को खुशी तो है लेकिन जब तक यह आरंभ होकर निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक इस समस्या का निदान नहीं सूझ रहा है.