अनदेखी. निर्माण कार्य को रोककर ग्रामीणों ने जताया विरोध
पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया
शेखपुरा : दानियांवा-शेखपुरा रेल मार्ग निर्माण को लेकर मटोखर गांव के समीप जमीन अधिग्रहण मुआवजे में लंबे अरसे से चल रहे विवाद के दौरान शनिवार को ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया.
इस मौके पर ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी एमजीसीपीएल पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. घटना की सूचना मिलने पर सर्वप्रथम अंचलाधिकारी पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की. लेकिन अंचलाधिकारी और ग्रामीणों के बीच नोक झोंक की स्थिति उत्पन्न हो गयी. अंचलाधिकारी के द्वारा दी गयी सूचना के आधार पर एसडीएम सुबोध कुमार और एसडीपीओ अमित शरण मटोखर गांव के निर्माण स्थल पर पहुंचे और चार लोगों को हिरासत में लेकर इस स्थिति पर काबू पाया. इस मौके पर स्थानीय ग्रामीणों में भीम यादव,
उमेश यादव, दयाल यादव, दिनेश साव जुदागी यादव एवं राजकुमार साव ने आरोप लगाया कि भू-अधिग्रहण के दौरान निर्माण स्थल के जमीन को तीन श्रेणियों में बांटा गया था. जिसमें कृषि, आवासीय और सड़क किनारे की जमीन का अलग-अलग दर निर्धारित किया गया था. लेकिन विभाग द्वारा सड़क किनारे की जमीन को भी कृषि जमीन बता कर भुगतान की कार्यवाही की जा रही थी.
इस मामले में विभाग से संबंधित मुंगेर न्यायालय में चल रहे हैं. मामले की सुनवाई के दौरान पिछले दो तारीख से निर्माण कंपनी के अधिकारी हाजिर नहीं हो रहे हैं. जबकि ग्रामीण लगातार सभी तारीख को पर उपस्थित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उचित मुआवजा भुगतान नहीं होने पर ही निर्माण का रोकने का कदम उठाया गया है. इधर अनुमंडलाधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि स्थिति सम्मानजनक है. फिलहाल निर्माण स्थल से ग्रामीणों को हटा दिया गया है. वहां अंचलाधिकारी के नेतृत्व में सुरक्षा बल की तैनाती कर निर्माण कार्य को शुरु करा दिया गया है. अनुमंडल अधिकारी ने यह भी बताया कि किसी भी हाल में रेल पथ निर्माण कार्य को रोका नहीं जा सकता. बल्कि उचित मुआवजे के लिए नियम संगत कार्रवाई में ग्रामीणों का जिला प्रशासन के द्वारा सहयोग संभव है.
रेल लाइन के किनारे लगे पेड़ बरबाद: बरबीघा. बिहारशरीफ-शेखपुरा भाया बरबीघा निर्माणाधीन रेलवे पथ के किनारे पड़ने वाले मिर्जापुर गांव में निर्माण कंपनी की मनमानी से सैकड़ों हेक्टेयर उपजाऊ जमीन के साथ मनरेगा के तहत लगाए गए हजारों छायादार वृक्षों के पौधे नष्ट कर दिए गए हैं. निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ अन्य पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाकर थक चुके ग्रामीणों ने स्थानीय समाजवादी नेता एवं रालोसपा अरुण गुटके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवकुमार से मदद की गुहार लगाई . शनिवार को स्थिति का निरीक्षण करने मिर्जापुर गांव पहुंचे शिव कुमार ने उपस्थित पत्रकारों से बताया कि कंपनी के द्वारा मनमाने रवैया से किए गए कार्य से मिर्जापुर मारनसरतपुर सहित दर्जनभर गांव को सिंचित करने वाली नहर के तटबंध को नष्ट कर दिया गया है. गांव के किसानों में रामानुज सिंह शिवबालक सिंह, विजय सिंह, पंकज कुमार आदि ने बताया की जिला विकास उपायुक्त निरंजन झा एवं स्थानीय अंचलाधिकारी मनीष कुमार को लिखित सूचना देने के बावजूद भी ठेकेदार के द्वारा मनमाने तरीके से काम करवाया गया है.
इस बाबत शिवकुमार ने रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को संदेश भेजकर मामले की जांच कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि अगर कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे.
