डाॅ श्री कृष्ण सिंह के नाम पर राजनीति करनेवालों पर साधा निशाना
राष्ट्रीय स्तर के व्यक्तित्व को क्षेत्रीय स्तर पर सीमित करना बताया बेमानी
बरबीघा (शेखपुरा) : ऐसे तो बिहार केसरी डाॅ श्री कृष्ण सिंह के विशाल व्यक्तित्व को क्षेत्र विशेष तक सीमित करना, अन्याय होगा पर उनकी जन्मभूमि के रूप में बरबीघा ही जाना जाता रहा है और जाना जायेगा. उक्त बातें सूबे के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मंगलवार को नवादा जिले के खनवां गांव को बिहार केसरी के जन्म भूमि के रूप में प्रचारित करने एवं इस पर जारी राजनीति के प्रश्न पर जवाब देते हुए कहा. राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि बिहार केसरी ने राष्ट्रीय स्तर के व्यक्तित्व को साजिश के तहत ओछी राजनीति करने वाले उन्हें क्षेत्र विशेष तक सीमित कर रहे हैं. उन्होंने इशारों में बिना नाम लिये बिहार केसरी की इस भूमि की जगह किसी अन्य की तपोभूमि के रूप में विगत समय में श्लोगन पर भी कटाक्ष किया.
पौरा-मौरा नहर की लौटेगी रौनक : डाॅ श्री कृष्ण सिंह आइटीआइ काॅलेज के उद्घाटन के बाद जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बिहार केसरी के सपनों को साकार कररने के लिए उनके द्वारा लायी गयी पौरा-मौरा नहर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय नहरों एवं पैनों को पुनर्जीवित करने की योजना शीघ्र लायी जाायेगी. उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक बुला कर कागजी कार्य पूरा कर इसे धरातल पर लाने का दृढ़ निश्चय बताया.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सात निश्चय से बिहार के विकास की रूपरेखा लिखी जा रही है. उनके साथ राजेश कुमार राजू, अनिल शंकर सिन्हा, मुनमुन सिंह, रजनीश कुमार, काजू सिंह, शंभु सिंह, लखीसराय विधानसभा से प्रत्याशी रहे सुजीत कुमार, मोहन कुमार झा, अशोक सिंह, अनिल कुमार सिंह आदि लोग मौजूद थे.
