शेखपुरा : धोखाधड़ी के मामले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेकानंद प्रसाद ने दो चिटफंड कंपनी के निदेशक व एक एचएम के खिलाफ संज्ञान लिया है. न्यायालय ने इन तीनों को हाजिर होने के लिए सम्मन निर्गत किया है. प्रधानाध्यापक बरबीघा प्रखंड के तेउस स्थित श्री कृष्ण मोहन स्मारक उच्च विद्यालय के हैं,
जबकि एक निदेशक मैत्रेय प्लास्टर्स एंड स्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड तथा दूसरे गोल्ड माइन फूड प्रोडक्ट लिमिटेड के निदेशक है. इस संबंध में अधिवक्ता विजय कुमार ने बताया कि तेउस गांव को ही पूर्व उपमुखिया सुरेंद्र प्रसाद सिंह की पत्नी सरोजनी देवी ने न्यायालय में मुकदमा दायर किया था. इस मामले में सरोजनी देवी ने न्यायालय के समक्ष कई मौखिक तथा कागजी साक्ष्य प्रस्तुत किया था.
सरोजनी देवी ने आरोप लगाया था कि गांव के विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक नलिनी रंजन सिंह के विश्वास पर इन चिटफंड कंपनी में 2009 से ही मासिक प्रीमियम जमा कर रही थी, परंतु परिपक्वता पर यह पता चला कि यह कंपनी का अस्तित्व ही नहीं है. न्यायालय द्वारा सभी बिंदुओं पर ध्यान देने के बाद भारतीय दंड विधान की धारा 406 तथा 420 के तहत संज्ञान लिया गया.
