शेखपुरा : किशोर न्याय परिषद् ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक मामले में किशोर को तीन साल तक सुधार गृह में रहने की सजा सुनायी है. साथ ही, परिषद् ने दोषी को पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है. यह राशि पीड़िता के बैंक खाता में पहुंचाने के लिए जिला विधि सेवा प्राधिकार को आदेश दिया है. पिछले साल की इस घटना के कानूनी कार्रवाई पूरा होने के बाद किशोर को दोषी पाया गया. परिषद् के प्रधान सदस्य न्यायिक दंडाधिकारी जिगर शाह,महिला सदस्य प्रमिला कुमारी और पुरुष सदस्य ने सर्वसम्मति से यह आदेश खचाखच भरे
न्यायालय परिसर में सुनाया. परिषद् ने किशोर को भारतीय दंड विधान की धारा 376 व नाबालिग को यौन शोषण से बचाने के कानून पाक्सो के तहत सुनायी है. प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि पिछले साल 21 अप्रैल को नाबालिग घर में अकेली थी. उसकी मां बाहर गयी हुई थी और पिता मजदूरी करने गये थे. घटना के बाद फेदाली बिगहा के किशोर के बड़े भाई और मां ने रुपया का प्रलोभन देने का भी प्रयास किया था और पिस्तौल दिखा कर मारपीट कर जान से मारने की भी धमकी दी थी.
