गांव में चापाकल खराब रहने से दूषित पानी पीने के बाद बढ़ रही बीमारी
सदर अस्पताल में इलाज के दौरान अनदेखी का आरोप
शेखपुरा : दर प्रखंड के मनिऔड़ी गांव में चापाकल खराब रहने के कारण कुएं का पानी पीने से लगभग तीन दर्जन लोग डायरिया से आक्रांत हो गये. डायरिया के प्रकोप से ग्रसित छह लोगों को सदर अस्पताल में भरती कराया गया. सदर अस्पताल में गांव के डायरिया ग्रस्त मरीज इंदु कुमारी, कामेश्वरी वरैय, नरेश ठाकुर, राजकुमार चौधरी, तुलसी चौधरी, सरदार चौधरी, विजय ठाकुर, अंजु देवी, बच्चु ठाकुर, संजय पंडित समेत तीन दर्जन लोग बीमार है. इस बाबत सिविल सर्जन डॉ. मृगेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर मरीजों को चिकित्सा लाभ देने के लिए टीम ने गांव में कैंप चलाया है. इसके साथ ही जिलाधिकारी दिनेश कुमार के पहल पर चापाकल की मरम्ती कार्य भी चलाया जा रहा है. गांव में डायरिया के मरीजों की स्थिति अब नियंत्रण में है.
इंट्रा किट भी नहीं लगा सके कर्मी : मनिऔड़ी गांव से ग्रामीण चिकित्सक के द्वारा उपचार लाभ पर रहे ग्रामीणों को सदर अस्पताल लाया गया. लेकिन यहां करीब एक घंटे बाद ही चिकित्सक वहां पहुंचे.
इस बीच महिला स्वास्थ्य कर्मी ने उपचार तो शुरू किया, लेकिन स्लाइन चढ़ाने के लिए इंट्रा किट लगाने के लिए उसी गांव के ग्रामीण चिकित्सक का सहारा लेना पड़ा. मरीजो ने बताया कि सदर अस्पताल में स्लाइन के अलावा कोई दवा नहीं दिया गया. इसी बीच डायरिया से पीडि़त छात्रा के पिता संजय पंडित ने बताया कि सुबह सात बजे भरती कराने के बाद नौ बजे तक पूरजा ही नहीं बनाया जा सका था. सदर अस्पताल के इस व्यवस्था को लेकर मरीज ने निजी अस्पताल जाने का भी मन बनाया.
चापाकल की मरम्मत नहीं :
मनिऔड़ी के चौधरी टोला में खराब पड़े चापाकल के मरम्मती के अभाव में ग्रामीण अपनी प्यास गांव के दूषित चापाकल से पानी पीकर बुझा रहे हैं. दूषित पानी पीकर गांव के लोग डायरिया रोग से ग्रसित होकर जान जोखिम में डाल रहे हैं. इस स्थिति की सूचना जब जिलाधिकारी दिनेश कुमार को मिली तब डीडीसी निरंजन कुमार झा की अगुआई में खराब पड़े चापाकल को अविलंब मरम्मती करने का निर्देश दिया गया. ग्रामीणों ने बताया कि खराब चापाकल की मरम्मती के बजाय विभाग दो चापाकलों के बारे में पंचायत निधि से होने की बात कही गयी. चापाकल मरम्मती नहीं होने से बीमार भी दूषित पानी पीने को विवश है.
राजगीर. जिले में बढ़ रहे डायरिया का प्रकोप व संक्रमण का असर अब फिर से राजगीर में भी दिखने लगा है. प्रखंड के एक ही गांव से चार लोगों को डायरिया से ग्रसित होने की सूचना है.
जिसे बेहतर इलाज के लिए गुरुवार को अनुमंडलीय अस्पताल में भरती कराया गया.
प्रखंड के सोरई गांव के फेकु राजवंशी के आठ वर्षीय अमित कुमार व 12 वर्षीय पुत्री नीभा कुमारी, जानकी राजवंशी के 15 वर्षीय पुत्री नीशा कुमारी व सबजीत राजवंशी के 5 वर्षीय पुत्री करीना कुमारी शामिल है. अनुमंडीलय अस्पताल राजगीर के चिकित्सा प्रभारी डॉ उमेश चंद्र ने बताया कि समय रहते उक्त डायरिया से संक्रिमित मरीजों की भरती के बाद हुए इलाज से स्थिति सामान्य है. वरना इस तरह के संक्रमण से दूर होने वाले इलाज के दौरान मरीजों की स्थिति गंभीर हो सकती थी. वहीं बताया जाता है कि गांव में बेहतर साफ सफाई के अभाव के कारण डायरिया का प्रकोम कभी भी विकराल रूप धारन कर सकती है.
मालूम हो कि पिछले माह प्रखंड के मेयार पंचायत के ननसुत बिगहा गांव में डायरिया के प्रकोप से तीन बच्चों की मृत्यु हो गई थी. कई बच्चे डायरिया से आक्रांतित हो गये थे. बाद में मेडिकल टीम वहां पहुंच कर पूरे गांव में डीडीटी का छिड़काव किया और बच्चों और अन्य ग्रामीणों का इलाज किया था. जिससे कई लोगों को जान बचाई जा सकी थी.
