गोपालगंज शराब कांड में मुआवजा राजनैतिक स्टंट : राजनीति प्रसाद

गांवों में शराब के कारोबार पर सामूहिक जुर्माना का कदम भी ठीक नहीं शेखपुरा : गोपालगंज में शराब पीने से 14 लोगों की मौत के बाद मृतक के परिजनों को मुआवजा दिये जाने की घोषणा पर राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष ने नीतीश सरकार पर हमला बोल दिया है. महागंठबंधन की सरकार में शामिल राजद के […]

गांवों में शराब के कारोबार पर सामूहिक जुर्माना का कदम भी ठीक नहीं

शेखपुरा : गोपालगंज में शराब पीने से 14 लोगों की मौत के बाद मृतक के परिजनों को मुआवजा दिये जाने की घोषणा पर राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष ने नीतीश सरकार पर हमला बोल दिया है. महागंठबंधन की सरकार में शामिल राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष राजनीति प्रसाद सिंह ने नीतीश सरकार की इस कार्यशैली पर ऊंगली उठाते हुए कहा कि एक तरह से हमारी सरकार डकैती करने के दौरान मारे जाने वाले अपराधियों पर मुआवजा देने की घोषणा कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार के अनुसार शराब पीना बहुत बड़ा अपराध है एवं शराब पीने वाले अपराधियों को कड़ी सजा मुकर्रर है.
ऐसे में अगर कोई अगर यह जघन्य अपराध करते हुए मारा जाता है तो फिर सरकार वैसे अपराधियों पर इतना मेहरबाद क्यों है? उन्होंने कहा कि जहरीली शराब पीकर मारे जाने की घटना में पीड़ित परिजनों के प्रति उनकी संवेदना जरूरी है परंतु एक तरफ सरकार शराब पीने वालों को अपराधी ठहरा रही है. वहीं दूसरी तरफ अपराधियों पर मुआवजा दिया जाना ये कैसी सरकार की रणनीति है. इस पूरे मामले में सरकार को अपनी स्थिति आम लोगों के सामने स्पष्ट करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि गांवों में शराब के कारोबार पर सामूहिक जुर्माना का कदम भी ठीक नहीं है. गांवों में शराब चुनाने के मामले में कुछ लोग संरक्षक भी होते हैं, ऐसे संरक्षकों को चिन्हित कर उस पर तथा कारोबारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए न कि गांव में रहने वाले बेकसूर लोगों को भी कार्रवाई की जद में धकेल देना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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