एटीएम का की-बोर्ड बन रहा मददगार

अगर की-बोर्ड में छेड़छाड़ हो, तो हो जाएं सतर्क शेखपुरा : एटीएम से फर्जी निकासी के खेल में की-बोर्ड मददगार बन रहा है. अगर की-बोर्ड में किसी बटन को उखाड़ दिया गया हो अथवा फेविक्विक से चिपका दिया गया हो तो समझ जाइये कि आपका एटीएम से राशि निकासी करना खतरनाक है. हालांकि इस खेल […]

अगर की-बोर्ड में छेड़छाड़ हो, तो हो जाएं सतर्क

शेखपुरा : एटीएम से फर्जी निकासी के खेल में की-बोर्ड मददगार बन रहा है. अगर की-बोर्ड में किसी बटन को उखाड़ दिया गया हो अथवा फेविक्विक से चिपका दिया गया हो तो समझ जाइये कि आपका एटीएम से राशि निकासी करना खतरनाक है. हालांकि इस खेल से एटीएम धारकों को बचाने की कोशिश में स्क्रीन टच एटीएम भी लगाये जा रहे हैं. उक्त नये एटीएम में की-बोर्ड नहीं होना एटीएम धारकों को राहत देने वाली बात है. स्क्रीन टच वाले एटीएम से फर्जी निकासी संभव नहीं है. जिले में एटीएम से फर्जी निकासी करने वाला गिरोह पूरी तरह सक्रिय है. पुलिस की सजगता से कई बदमाश पकड़े भी गये है. पुलिस गिरफ्त में ही एक बदमाश ने जो खुलासा किया उससे सच सामने आ गया.
की-बोर्ड से छेड़छाड़ :
एटीएम से रुपया निकासी करने वाले अनाड़ी हो अथवा खिलाड़ी सभी बदमाशों के दांव में फंस जाते हैं. इस खेल में बदमाश की-बोर्ड की चार बटन को अपना निशाना बनाते हैं. जो की-बोर्ड के दाहिनी ओर कैंसल,इंटर,क्लोज समेत चौथा एक और बटन भी होता है. फर्जी निकासी को लेकर बदमाश पुन: चारों में से किसी भी बटन को फेवीक्विक डाल कर या तो चिपका देते हैं अथवा उसे उखाड़ दिया जाता है. इस दौरान अगर कोई व्यक्ति एटीएम से रुपये निकासी करने गये तब रुपया निकलते ही रुपया निकलते ही लोग वापस चल देते हैं. इसी दरम्यान फर्जी निकासी का खेल खेला जाता है.
कैसे हो रही फर्जी निकासी :
एटीएम से फर्जीवाड़ा का खेल पुलिस गिरफ्त में एक बदमाश ने खुद ही खुलासा किया. जब कोई एटीएम धारक राशि निकासी करने जाते हैं तब राशि निकलने के दौरान कुछ पल के लिए रूकना भी चाहिए. दरअसल राशि निकासी के बाद मशीन कुछ सेकेंड तक क्लोजिंग की प्रक्रिया को अपनाता है. इसी बीच लोग जल्दबाजी में क्लोज अथवा कैंसल बटन दबा कर वापस निकल जाते हैं. इसके बाद वहां ताक लगाये बदमाश तुरंत पहुंच कर पुन5 एक खास प्रक्रिया को अपना कर अपने मंसूबे को पूरा कर लेते हैं. इस खेल से बचने के लिए राशि निकासी के बाद कुछ पल के लिए एटीएम की क्लोजिंग प्रक्रिया पुन: पूरा करने तक रूक जाना चाहिए, ताकि दोबारा कोई निकासी न हो सके.
दो एटीएम निशाने पर :
जिला मुख्यालय में हो रहे एटीएम से फर्जी निकासी के खेल में दो एटीएम खास तौर पर निशाने पर है. की-बोर्ड की पुराने सिस्टम वाले रेलवे स्टेशन के समीप टच सिस्टम लगाने की पुलिस ने भी बैंक प्रबंधन से मांग की है. घटनाओं को लेकर दोनों एटीएम मशीन लंबे समय तक बंद भी रखा गया था, लेकिन हाल के दिनों में एटीएम को फिर चालू कर दिया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >