शेखपुरा : जिला स्थापना दिवस को लेकर सबेरे से ही कार्यक्रमों की शुरूआत हो गयी थी. समाहरणालय परिसर में पौधारोपण के बाद विकास दौड़ की शुरूआत हुई. जिला प्रशासन के आला अधिकारी के साथ साथ विधायक रंधीर कुमार सोनी, जिले के लोग, सरकारी ओर निजी विद्यालस के बच्चे और उसके शिक्षक तथा अभिभावक ने इस दौड़ में भागीदारी दिखायी. समहरणालय से शुरू होकर चांदनी चौक – वीआईपी रोड होते हुए श्यामा सरोवर पार्क पहुचा. इस दौड़ में बिना किसी हार जीत के लोगों ने हर्ष के साथ कदम से कदम मिला कर दौड में शामिल हुए थे.
विकास दौड़ में शामिल हुए लोग
शेखपुरा : जिला स्थापना दिवस को लेकर सबेरे से ही कार्यक्रमों की शुरूआत हो गयी थी. समाहरणालय परिसर में पौधारोपण के बाद विकास दौड़ की शुरूआत हुई. जिला प्रशासन के आला अधिकारी के साथ साथ विधायक रंधीर कुमार सोनी, जिले के लोग, सरकारी ओर निजी विद्यालस के बच्चे और उसके शिक्षक तथा अभिभावक ने इस […]

जिला स्थापना के मुख्य समारोह स्थल पर पुरस्कार वितरण के दौरान पक्षपात का आरोप लगाया गया. इसलामिया उच्च विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव शम्बील हैदर ने जिले के प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार तथा अन्य अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया.
उसने मंच पर कब्जा जमाये कुछ लोगों पर यह भेदभाव का आरोप लगाया. उसने कहा कि ये मंचासीन लोग एक खास स्थान के बच्चों को ही प्राथमिकता देने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया. इस कहा सुनी के बीच खेलकूद प्रतियोगिता के विजेता बालक और बालिका हो हल्ला भी करने लगे. बाद में अधिकारियों ने सभी बच्चों को शांत कराया. उधर सवेरे में आयोजित विकास दौड में शामील बच्चे पानी के लिए बेहाल रहे.
मुख्य स्थल श्यामा सरोवर पार्क में आमंत्रित अतिथियो को बैठने की कोई व्यवस्था नहीं होने से इन माननीय को इधर उधर भटकना परा. सामारोह स्थल पर अरियरी क्षेत्र से आयी जिला पर्षद सदस्य अनिता देवी अपने पति के साथ कुरसी खाली नहीं होने पर बडी देर तक खडी रही. वही हाल जिला परिषद् उपाध्यक्ष रंजीत कुमार उर्फ बुधन भाई को भी भारी फजीहत का सामना. बहुत देर तक मंच के नीचे खडा रहने के बाद किसी प्रकार उपर जा सके और पहली पंक्ति में अपनी निर्धारीत कुरसी पर बिराजमान हुए. इसी प्रकार जीविका से जुडी महिलायें, मीडिया कर्मी आदि भी बैठने के लिए पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थान ढूंढ.ते रह गये.जिला
स्थापना दिवस के अवसर पर बनाये श्यामा सरोवर पार्क में मुख्य पंडाल को लोग दोषपूर्ण बता रहे थे. बरसात को देख कर पूरी तरह से वाटरप्रूफ इस पंडाल में लोगों को उमस के कारण ठहरना कठिन हो रहा था. इसके अलावे समारोह के लिए लगाये गये साउंड सिस्टम में भी त्रुटि देखी जा रही थी. वक्ताओं के भाषण सामने जाने के बदले मंच की ओर ही ज्यादा शोर मचा रहा था. पंडाल के चारों ओर से घीरे रहने के कारण लोगो के शरीर तुरत पसीने से तर हो जा रहा था. पूरी व्यवस्था को एक पैर पर खडा होकर देख रहे उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार झा के कहने पर भी पंडाल के बगल के घेरा हटाये नहीं जा सके.
बताया गया कि गरमी और पांडाल के अंदर उमस के कारण सरकार विभाग द्वारा लगाये गये स्टालों का उद्घाटन बाद में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी आदि को करना पड़ा और कई प्रतियोगिता के प्रतिभागी को पुरस्कार जिला शिक्षा पदाधिकारी का संपादित करना पड़ा.
जेएनवी कांड में महिला आयोग को लिखी चिट्ठी, एचएम पर आरोप