आरोप. नदियों में उफान के बाद परेशानी
संपर्क पथ के अभाव वाले गांवों के लिए नावों की व्यवस्था नहीं
शेखपुरा : जिले में तीन दिनों तक बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. बारिश के बाद कौड़ीहारी और हरोहर नदी में जलस्तर बढ़ने से जहां घाट कोसंुभा में कई संपर्क पथ विहीन गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. वहीं दूसरी ओर कई गांवों के बधार में लगे धान के बिचड़ों पर लगभग दो फुट तक जल स्तर बढ़ जाने से बिचड़े नष्ट होने के कगार पर है. ऐसी स्थिति में घाट कोसुम्भा का लगभग दस गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं दूसरी ओर अंचल प्रशासन द्वारा अब तक नाव तक की व्यवस्था नहीं की जा सकी है.
बदलाव के इस आधुनिक युग में प्रसूता से लेकर अन्य मरीजों को लोग खाट पर लाद कर कीचड़मय रास्ते से होकर कोसों दूर की यात्रा के बाद संपर्क पथ पर पहुंच पाते हैं. जिले के घाट कोसुम्भा प्रखंड के इस बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य के तहत नाव की व्यवस्था की मांग की है.
नाव एंबुलेंस की मांग :
बाढ़ प्रभावित घाट कोसुम्भा प्रखंड की आबादी को तत्काल राहत के लिए कई संगठनों ने मांग शुरू कर दिया है. इस बाबत ढाढ़ी विकास मंच के जिलाध्यक्ष मनोज राम ने प्रखंड के टाटी और हरोहर नदी में उफान से प्रभावित गांवों में नाव एंबुलेंस चलाने की मांग की है ताकि मरीज और प्रसूति महिलाओं को जीवन रक्षक सुविधाएं मिल सके.
एप्रोच का नहीं हुआ निर्माण :
जिला मुख्यालय से घाट कोसुम्भा प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने के लिए टाटी नदी पर लाखों की लागत से पुल का निर्माण तो करीब आठ वर्ष पूर्व करा दिया गया, लेकिन भूमि अधिग्रहण विवाद को लेकर आज तक एप्रोच का निर्माण नहीं कराया जा सका. सरकारी पेंच में फंसे इस मामले ने शेखपुरा मुख्यालय से घाट कोसुम्भा की दूरी तीन गुणा बढ़ा रखा है. वहीं गांव का पूर्वी और पिमी टोला दो भागों में बंटा है.
कौडि़हारी नदी का बढ़ा जल स्तर :
कौडि़हारी नदी में जल स्तर बढ़ जाने के बाद कैथवां, बरमा समेत अन्य गांवों के बधार में बांटे गये बिचड़े को नुकसान की संभावना बढ़ गयी है. जल स्तर अगर तीन दिनों के अंदर नहीं कम हुआ तो इन गांवों में धान की रोपनी पर भी असर पड़ेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी :
”प्रखंड के गांवों की आवागमन की स्थिति का जायजा लेकर नाव की व्यवस्था की जायेगी. एप्रोच निर्माण से जुड़े अधिग्रहण को लेकर विभागीय कार्रवाई की जा रही है.”
सत्येंद्र कुमार सिंह, अंचलाधिकारी, शेखपुरा
दस गांव है पीड़ित
टोल क्षेत्र कहे जाने वाले घाट कोसुमभा प्रखंड का संपर्क विहीन दस गांवों की आबादी के समक्ष अभी से ही आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गयी है. ग्रामीणों के मुताबिक प्रख्यांड का समूचा पानापुर पंचायत की आबादी खेत, आरी, अलंग के गच्चे रास्ते से मुख्य सड़क मार्ग तक पहुंचाने को विवश है. पानापुर के साथ-साथ प्राणपुर, जितयारपुर एवं मुखरिया, बाउघाट, कोयला, अकरपुर, गदबदिया, सुजावलपुर, बटौरा गांव की आबादी के समक्ष बारिश के दौरान प्रत्येक वर्ष यह स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह भी है कि लगभग एक पखवारे से उठ रही मांग के बाद भी आज तक नाव की व्यवस्था नहीं किया जा सका.
