कुंडा गांव में जल संकट लोगों में मचा हाहाकार

परेशानी . गरमी के कारण जल स्तर गिरने से सूख चुके हैं कुएं कुंडा गांव में लगभग तीन सौ परिवार रहते हैं शेखपुरा : जिले में पेयजल संकट इस भीषण गरमी में लोगों की अग्नि परीक्षा ले रही है. पानी की जरूरत पूरी करने के लिए लोग घर और ओले में आपसी विवाद को खड़े […]

परेशानी . गरमी के कारण जल स्तर गिरने से सूख चुके हैं कुएं

कुंडा गांव में लगभग तीन सौ परिवार रहते हैं
शेखपुरा : जिले में पेयजल संकट इस भीषण गरमी में लोगों की अग्नि परीक्षा ले रही है. पानी की जरूरत पूरी करने के लिए लोग घर और ओले में आपसी विवाद को खड़े कर रहे हैं. ऐसे में एक बड़ी चुनौती विभाग के समक्ष भी है. जो कोशिश तो कर रही है, लेकिन लोगों को ओस चाट कर प्यास बुझाने वाली कोशिश की दुहाई दे रहे हैं. सदर प्रखंड का कुंडा गांव जहां जल स्तर भागने से कुएं सूख चुके हैं. चापाकल भी साथ नहीं दे रहे हैं.
आबादी के समक्ष पेयजल को लेकर त्राहिमाम है. अप्रैल महीने के आखिरी दिन भी सुबह से ही पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहा. स्थानीय ग्रामीण अजय कुमार ने बताया कि पचना पंचायत के तीन वार्डों वाले कुंडा गांव में लगभग तीन सौ परिवार रहते हैं, जहां पानी विभाग के द्वारा पेयजल की व्यवस्था एक टैंकर से की जा रही है. ऐसे में टैंकर लगते ही लोग टूट पड़ते हैं. इसके बावजूद आधे जरूरतमंद पानी से वंचित रह जाते हैं.
डीएम के आदेश की अनदेखी : करीब एक सप्ताह पहले जब जिलाधिकारी नी पीएचइडी कार्यालय परिसर में रखे दर्जनों सिनटैक्स टंकी को गांवों में रख कर पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था तब टंकी तो रख दिया गया लेकिन उसमें पानी नहीं भरा जा रहा है. आलम यह है कि लोग टंकी देख कर पिछले कई दिनों से पानी की उम्मीद लगाये बैठे है. ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल महीने से ही जल संकट को सालों से जूझने वाला कुंडा गांव आज भी पानी की मजबूत व्यवस्था को मोहताज है. लेकिन इस दिशा में ना तो राजनैतिक और ना ही प्रशासनिक पहलकदमी की गयी है.
40 पार है जल स्तर : पहाड़ी तलहटी में बसे कुंडा गांव में भूगर्भ जल स्तर 40 से 47 फीट गहरा बताया जा रहा हे. ग्राम पंचायत पीएचइडी विभाग एवं विधायक, विधान पार्षदों के द्वारा गाड़े गये चापाकलों का भी बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शराब पड़े चापाकलों की मरम्मती में विभाग कोई दिलचस्पी नहीं होने से गांव में घोर जल संकट से लोग त्राहिमाम है.
कुएं से पानी के लिए रतजगा: कुंडा गांव में जल संकट को लेकर आबादी के समक्ष त्राहिमाम इस कदर है कि लोग गांव में जमीन छू चुके जल स्तर से भी गंदा पानी को लेकर लोग रतजगा कर रहे हैं. आलम यह है कि रात्रि दो बजे से ही कुएं पर आपाधापी मची रहती है.

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