बरबीघा : पंचायत चुनाव के बाद बरबीघावासियों को अपनी मूलभूत समस्या नजर आने लगी है. भीषण गरमी से त्रस्त लोगों को इन दिनों पानी और बिजली की समस्या से बेहद परेशान होना पड़ रहा है. बरबीघा का भूगर्भ जलस्तर 10 से 15 फुट नीचे गिर गया है. प्राय: पेयजल साधन बेकार हो गये हैं. मानव और पशु पीने के पानी के लिए तरस रहे है.
यही हाल बिजली का है. जरूरत के 12 मेगावाट बिजली के विरूद्ध मात्र 6 मेगावाट बिजली उपलब्ध हो रहा है. रोस्टर नियम लागू कर गांव व शहर को बिजली उपलब्ध करायी जा रही है. कभी 22 घंटे बिजली रहती थी. अब 10 घंटे बिजली मिल पा रही है. अप्रैल माह में सूर्य आग उगल रहा है. गर्मी का महीना मई और जून अभी बाकी है. इन दो महीनों में बरबीघावासियों का क्या हाल होगा. इसकी चिंता यहां के लोगों को सता रहा है.
सरकार की हर योजना पंचायत चुनाव के चलते बाधित है. आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है. आने वाला एक माह और यह संहिता प्रभावकारी रहेगा. ऐसे में लोगों को उक्त महत्वपूर्ण समस्याओं से निजात मिलने का आसार कम दिख रहा है. इसके अलावे बच्चों को अभी तक सरकारी पाठ्य सामग्री नहीं मिली है. बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रहा है. अस्पताल में 33 दवाओं के विरूद्ध मात्र पारासिटामोल टैबलेट उपलब्ध है. हर तरफ समस्या ही समस्या नजर आ रही है. पर कोई समस्या का समाधान ढूुंढने वाला मसीहा नजर नहीं आ रहा है. बरबीघावासी भविष्य की चिंता को लेकर भयभीत हैं.
