सैकड़ों एकड़ प्याज फसल बचाने को सड़क पर उतरेंगे किसान
20 घंटे के बजाय दो घंटे ही मिल रही बिजली
शेखपुरा : जिले में बिजली कटौती की मार सबसे अधिक कृषकों को भुगतना पड़ रहा है. सैकड़ों एकड़ खेतों में लगी प्याज फसल अंतिम समय में बरबादी के कगार पर है. चेवाड़ा में पिछले एक सप्ताह से व्याप्त स्थिति को लेकर किसान अब सड़क पर उतरेंगे. इस बाबत चेवाड़ा के बसंत गांव निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि 03 बिगहा प्याज फसल लगाये हैं. अंतिम समय में पिछले एक सप्ताह से बिजली में भारी कटौती ने सिंचाई व्यवस्था को ठप कर दिया.
तीन दिनों से खेत ताकने भी नहीं गये. फसल देख कर रातों की नींद नहीं आती. कृषक दिनेश प्रसाद ने बताया कि बिजली पूरे चौबीस में दो घंटे ही मिल पाती है वह भी भूक-भाक आंख मिचौली कर परेशान कर रही है. हम ग्रामीणों को पंखा और ऐसी चलने के लिए बिजली की दरकार नहीं बल्कि मेहनत और कर्ज की पूंजी से लगे प्याज फसल को बचाने की दरकार है. लेकिन हमारी इस पीड़ा को सुनने वाला कोई नहीं है. ऐसे में एक सवाल यह है कि
हजारों किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन में लगी प्याज फसल क्या बरबाद हो जायेगी. इधर ग्रामीण बंगाली प्रसाद, रामचंद्र यादव, दिनेश प्रसाद ने कहा कि प्याज फसल की सिंचाई के अभाव में अगर बरबाद हुआ तो इसके लिए सरकारी व्यवस्था जिम्मेवार है. इसके लिए कटौती के बाद मिल रही बिजली की आपूर्ति की जांच हो और जिम्मेवार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये. साथ ही,
कटौती के अनुसार भी बिजली सुनिश्चित की जाय ताकि कम से कम प्याज फसल बचाये जा र सके. ग्रामीणों ने कहा कि दो दिनों के अंदर अगर मांगें पूरी नहीं हुई तब शेखपुरा-सिकंदरा सड़क को ठप कर दिया जायेगा और इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन और बिजली विभाग की होगी. इधर सहायक अभियंता विद्युत ने बताया कि जिले में 30 के जगह मात्र 15 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है. जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र में कटौती की जा रही है.
