मुरापुर में चंद घंटों में तैयार हो जाती थीं सैकड़ों भट्ठियां, अब छायी वीरानगी

शेखपुरा : अवैध शराब निर्माण को लेकर कई दशक पुराना चोर-सिपाही का खेल अब खत्म हो गया. सूबे में पूर्ण शराबबंदी को लेकर हुए इस ऐतिहासिक फैसले का आसार आज हर घर में देखने को मिल रहा है. सदर प्रखंड के जिस मुरारपुर (स्थानीय विधायक का पैतृक गांव)और सुरदासपुर गांवों में पिछले कई दशकों से […]

शेखपुरा : अवैध शराब निर्माण को लेकर कई दशक पुराना चोर-सिपाही का खेल अब खत्म हो गया. सूबे में पूर्ण शराबबंदी को लेकर हुए इस ऐतिहासिक फैसले का आसार आज हर घर में देखने को मिल रहा है. सदर प्रखंड के जिस मुरारपुर (स्थानीय विधायक का पैतृक गांव)और सुरदासपुर गांवों में पिछले कई दशकों से अवैध शराब का निर्माण हो रहा था. पर, आज वहां सन्नाटा पसर गया.

विधवाएं बन गयी थीं टोले की पहचान: बरबीघा के नारायणपुर गांव के साथ -साथ मदारीचक, जोधन
बीघा एवं बेलाव में भी अवैध शराब निर्माण कारोबार चलता था. पिछले
कई सालों से उक्त टोले की विधवाएं अवैध शराब कारोबार की पहचान बन गयी थी. सरकार के शराबबंदी
के फैसले के बाद इन गांवों की महिलाओं के मान-सम्माने में बढ़ोतरी हुई है. सभी अपनी नयी जिंदगी की ललक लिये इस बंदी का समर्थन कर रहे हैं. वहीं, छापेमारी के नाम पर पुलिस की कार्रवाई से भी गांव की अन्य महिलाओं को फजीहत उठानी पड़ती थी.

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