शेखपुरा : जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने स्वास्थ्य समिति की बैठक में डॉक्टर सहित कई स्वास्थ्य प्रबंधक पर स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है. आशा के मानदेय समय पर नहीं भुगतान करने वाले सदर अस्पताल के प्रबंधक का वेतन निकासी भी स्थगित कर दिया है.
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवा की बदतर स्थिति पर यह कार्रवाई की है. जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवा की बदतर स्थिति पर यह कार्रवाई की है. शनिवार को जिलाधिकारी स्वास्थ्य समिति द्वारा चलाये जा रहे स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे. समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार सिन्हा सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी और स्वास्थ्य प्रबंधक तथा स्वास्थ्य लेखापाल मौजूद थे.
बैठक की जानकारी देते हुए जिला सूचना व जनसंपर्क पदाधिकारी योगेंद्र कुमार लाल ने बताया कि टीकाकरण के मामले में गड़बड़ी पर शेखोपुरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्पष्टीकरण किया गया है. वहीं बरबीघा रेफरल अस्पताल में ऑपरेशन, टीकाकरण आदि के मामले में पिछड़ने पर डॉक्टर सहित स्वास्थ्य प्रबंधक को स्पष्टीकरण किया गया है.
वहीं सदर अस्पताल में कार्यरत आशा को लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने पर स्वास्थ्य प्रबंधक के वेतन निकासी पर रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण किया गया है. बैठक में जिलाधिकारी ने अभी सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी को आपातकाल मानते हुए समय पर आने का निर्देश दिया है.
सरकार के पूर्ण शराब बंदी के साथ-साथ पंचायत चुनाव सिर पर रहने के कारण स्थिति पूरी तरह आपातकालीन है तथा काम के स्थान पर पूरी तरह मुस्तैद रहे. जिलाधिकारी ने सभी पुराने मानदेय भुगतान करने का भी निर्देश दिया. संस्थागत प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को भुगतान समय पर करने को कहा गया. स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसूताओं के निबंधन के साथ ही खाता खुलवाने का निर्देश दिया तथा अस्पताल से घर जाते समय ही बैंकों को भुगतान के बारे में एडवाइस भेज दें. बैंकों द्वारा इस तरह के मामलों के भुगतान में आनाकानी पर जिलाधिकारी ने अपने स्तर से सलटने का आश्वासन दिया. जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में संचालित नशा मुक्ति केंद्र में सीटों की संख्या 10 से बढ़ा कर 20 करने का भी निर्देश दिया है.
