देशी शराब की बड़ी खेप कहीं स्टॉक तो नहीं

शेखपुरा : पिछले दो माह पूर्व जब सूबे में शराब बंदी का ऐलान हुआ तब यहां पंचायत चुनाव के लिए रणभेरी बज गयी. चुनाव में आरक्षण व्यवस्था में सीटों का ऐलान होते ही पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चेहरे सामने आ गये. चुनाव चाहे कोई भी लड़ रहा हो वोटरों को खुश करने के […]

शेखपुरा : पिछले दो माह पूर्व जब सूबे में शराब बंदी का ऐलान हुआ तब यहां पंचायत चुनाव के लिए रणभेरी बज गयी. चुनाव में आरक्षण व्यवस्था में सीटों का ऐलान होते ही पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चेहरे सामने आ गये.

चुनाव चाहे कोई भी लड़ रहा हो वोटरों को खुश करने के लिए मुरगा और शराब का भोज के साथ-साथ नगद चढ़ावे से इनकार नहीं किया जा सकता. भला वर्तमान चुनाव कैसे इससे अछूता रह जायेगा.

जिन मयखानों में दिन भर शराबियों की भीड़ लगी रहती थी. मछली, मुर्गा के पीस के साथ जम कर शराब का लुत्फ उठाया जाता था, उन मयखानों में गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा. शराब की इन दुकानों में शराब बेचने के अंतिम दिन ताले लटके रहे. राह गुजरते लोग इन दुकानों की ओर एक नजर देखते व मुंह फेर कर चल देते.

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