भूख से नहीं, लिवर सिरोसिस से हुई जागो मांझी की मौत
शेखपुरा : बरबीघा अंचल कार्यालय से सटे दलित टोले में 62 वर्षीय जागो मांझी की मौत भूख से नहीं, बल्कि लिवर सिरोसिस नामक बीमारी से हुई है. इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ. डीएम चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को मीडिया को यह जानकारी दी. सोशल मीडिया पर यह घटना भूख से हुई मौत के रूप में वायरल होने के बाद यह एक सियासी मुद्दा बन गया. इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच करायी.
जानकारी के मुताबिक, जागो मांझी अपनी लकवाग्रस्त विक्षिप्त पत्नी कौशल्या देवी के साथ गुजर बसर कर रहे थे. बुजुर्ग दंपती की जीविका सरकारी योजना के साथ-साथ खुद की मजदूरी से चल रही थी. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक जागो एक माह पूर्व पेट की बीमारी से ग्रसित होकर लाचार हो गया. इसी दौरान 25 मार्च को वृद्ध की मौत हो गयी. दुखद बात यह है कि एक ही छत के नीचे वृद्ध का शव पड़ा रहा और पत्नी कौशल्या को इसका आभास भी नहीं हो सका.
सरकार के निर्देश पर डीएम चंद्रशेखर सिंह ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया. साथ ही परिजनों की सहमति पर शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर भेजा. डीएम और डीडीसी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया़ डीएम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिवर सिरोसिस बीमारी से मौत होने की बात कही गयी. साथ ही उन्होंने इस मौत को उचित देखभाल के अभाव में हुई घटना करार दिया.
