थाना परिसर में पुलिस-पब्लिक के बीच मारपीट की भी घटना घटी
लोगों का पुलिस से भरोसा उठा
एसपी ने व्यवस्था सुधारने का दिलाया भरोसा
बरबीघा : सितंबर 15 से 16 मार्च मके बीच कुल सात माह में न्याय नहीं पाने से आक्रोशित थाना वासियों ने बरबीघा थाना पर चार बार जम कर पथराव किया तथा पुलिस के खिलाफ नारा भी लगाया. इस सात माह के भीतर एक बार थाना परिसर में पुलिस-पब्लिक के बीच जम कर मारपीट की घटना भी घटी थी. इन दिनों बरबीघा थाना की व्यवस्था चर्चा का विषय बन गया है. स्थानीय लोग अपने नेतृत्व और पुलिस कप्तान से स्थिति सुधारने की मांग कर रहे हैं.
नीय लोगों को पुलिस प्रशासन से भरोसा उठ गया है. सूत्रों ने बताया कि वर्तमान थानाध्यक्ष को व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पुलिस -पब्लिक फ्रेंडली व्यवहार कर कुछ सुझाव दिया जाता है तो वे बिफर जाते हैं. सफेदपोश की संज्ञा देकर भद्दी-भद्दी गाली का प्रयोग करते हैं. शुक्रवार की रात बरबीघा थाना पर आक्रोशित जनता द्वारा पथराव करने की घटना की स्थानीय स्तर पर जम कर निंदा की जा रही है. पर इस घटना के कारण के लिए पुलिस को हद तक जिम्मेवार भी ठहराया जा रहा है. पुलिस-पब्लिक के बीच आरोप-प्रत्यारोप थमने का नाम नहीं ले रहा है.
लोगों ने कहा कि वर्तमान बरबीघा पुलिस अपने परिभाषा से विपरीत है. बरबीघा थानाध्यक्ष की नजर में बरबीघा वासी उपद्रवी, कानून विरोधी हैं. थानेदार की सोच का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है, इसलिए चौथी बार पथराव की घटना घटी. सूत्रों ने बताया कि बरबीघा थाना की व्यवस्था शीघ्र नहीं दुरुस्त किया गया तो जनता का आक्रोश बढ़ेगा. बुद्धिजीवियों ने एसपी राजेंद्र कुमार भील से शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है.
