जानी थी बरात, निकली अरथी
नौ को था तिलक, 14 को जानी थी बरात
नहीं थम रहे परिजनों के आंसू, पसरा मातमी सन्नाट
शेखपुरा : जिस बेटे की तीन दिन बाद बरात निकलनी थी, उसकी उसकी अरथी निकालनी पड़ी. बरात की पूरी तैयारी कर चुके पिता के कंधे पर पुत्र की अरथी निकलने से पूरा परिवार आहत है. दरअसल सियानी गांव के जुगल महतो के घर में दो बेटों की शादी थी. बड़े बेटे दिनेश प्रसाद की बरात 10 मार्च को निकलनी थी, जबकि मृतक व छोटे पुत्र सुषाष महतो की बरात 14 मार्च को निकलनी थी. सुभाष की शादी के लिए 09 मार्च को ही तिलक समारोह का आयोजन किया गया था.
किसी अनहोनी से अनजान पिता ने अपने पुत्र सुभाष को कुटुम की विदाई की अनुमति दी, लेकिन विदाई में गया पुत्र वापस नहीं लौट सका. दरअसल बाइक के नियंत्रण खो जाने के कारण शेखपुरा-सिकंदरा सड़क मार्ग पर पिरिडीह उच्च विद्यालय के समीप एक पेड़ में टकरा जाने से उसकी मौत घटना स्थल पर ही हो गयी.
हालांकि उसी बाइक पर सवार मृतक का चचेरा भाई योगेंद्र बुरी तरह से घायल है, जिसे पटना रेफर कर दिया गया है. जहां शादी के प्रीतिभोज की तैयारी थी, वहां अब श्राद्ध के भोज की तैयारी चल रही है. इस घटना से मर्माहत समाजसेवी राजेश कुमार, विधासनभा के पूर्व प्रत्याशी विजय यादव, बरूई ने पीड़ित परिजनों से मिल कर गहरी संवेदना प्रकट की.
वहीं, समाजसेवी महेंद्र कुशवाहा, नवल प्रसाद, मो इरशाद, अशोक सिंह, मो मोनी समेत अन्य लोगों ने भी पीड़ित परिवार को सांत्वना दी.
