सुरक्षा व्यवस्था सख्त होगी
शेखपुरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कुल 15 ग्राम पंचायत के तहत 194 मतदान केंद्र है. जिसमें तीसरे चरण में आठ मार्च से नामांकन शुरू होने तथा 02 मई को मतदान की तिथि घोषित की गयी थी. परंतु यहां जिला प्रशासन द्वारा समीक्षा के बाद यह इस प्रखंड के चुनाव दो चरणों में कराने का प्रस्ताव दिया है.
शेखपुरा : शेखपुरा प्रखंड क्षेत्र में ग्राम पंचायत के चुनाव दो चरणों में करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा है. सुरक्षा कारणों से यह प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही जा रही है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करते हुए पूरे प्रखंड में एक साथ ही चुनाव करने का कार्यक्रम तय किया था.
शेखपुरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कुल 15 ग्राम पंचायत के तहत 194 मतदान केंद्र है. जिसमें तीसरे चरण में आठ मार्च से नामांकन शुरू होने तथा 02 मई को मतदान की तिथि घोषित की गयी थी. परंतु यहां जिला प्रशासन द्वारा समीक्षा के बाद यह इस प्रखंड के चुनाव दो चरणों में कराने का प्रस्ताव दिया है. जिला प्रशासन ने शेखपुरा प्रखंड के सात ग्राम पंचायत क्षेत्र का चुनाव घाट कोसुम्भा प्रखंड क्षेत्र के साथ कराने तथा शेष आठ पंचायत का चुनाव चौथे चरण में कराने का प्रस्ताव दिया है.
सरकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड के चुनाव दो चरणों में कराने का एकमात्र कारण सुरक्षा को बताया गया है. पूरे प्रखंड क्षेत्र के सभी 194 मतदान केंद्र पर सुरक्षा उपलब्ध कराने मे ंआने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखा जा रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जिले में छह चरणों में चुनाव करने संबंधी अधिसूचना जारी की है. प्रथम चरण में जिले के बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के 10 पंचायत और एक जिला परिषद् सदस्य के साथ-साथ प्रखंड पंचायत समिति सदस्य और ग्राम कचहरी के सरपंच और पंच का चयन किया जाना है.
बरबीघा में 02 मार्च बुधवार से नामांकन कार्य शुरू हो जायेगा तथा 26 मार्च को 132 मतदान केंद्र पर मतदान कार्य संपन्न होगा. उसके बाद शेखोपुरसराय प्रखंड क्षेत्र के 94 मतदान केंद्र, घाट कोसुम्भा प्रखंड के 58 मतदान केंद्र, शेखपुरा प्रखंड के 194 मतदान केंद्र, अरियरी प्रखंड के 140 मतदान केंद्र तथा अंतिम छठे चरण में चेवाड़ढ़ प्रखंड के 96 मतदान केंद्र पर मतदान किया जायेगा. शेखपुरा प्रखंड अंतर्गत 15 ग्राम पंचायत के मुखिया और सरपंच के साथ-साथ दो जिला परिषद् सदस्य का भी चुनाव किया जाना है. इस प्रखंड के चुनाव एक या दो चरण में करवाये जाने का मामला पूरी तरह राज्य निर्वाचन आयोग के पाले में है. यहां से भेजी गयी स्वीकृति या अस्वीकृति के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.
