जिले में टायफायड मरीजों की संख्या में इजाफा

शेखपुरा : जिले में टायफायड (मियादी बुखार) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. इसका प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र से कई गुणा ज्यादा शहरी अाबादी में देखने को मिल रहा है. जिले में मियादी बुखार की बीमारी फैलने का मुख्य कारण दुषित जल पीना भी बताया जा रहा है. सरकारी अस्पतालों में उक्त बीमारी की जांच […]

शेखपुरा : जिले में टायफायड (मियादी बुखार) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. इसका प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र से कई गुणा ज्यादा शहरी अाबादी में देखने को मिल रहा है. जिले में मियादी बुखार की बीमारी फैलने का मुख्य कारण दुषित जल पीना भी बताया जा रहा है.

सरकारी अस्पतालों में उक्त बीमारी की जांच की व्यवस्था का प्रावधान नही होने के कारण निजी अस्पतालों में मरीजो की संख्या लगातार बढता दिख रहा है. जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में मियादी बुखार से पीड़ित मरीज एवं परिजन बीमारी के लगातार बढ़ रहे दायरे से हैरान है.

हालांकि मियादी बुखार से मरने वाले की संख्या का कोई भी आंकड़ा विभाग मौजूद नहीं है. जानकारों की माने तो एस.टायसी नामक बैक्टिरीया से पनपने वाले इस खतरनाक बीमारी का उपचार अगर कठीन है तो बचाव काफी सरल है. जरूरत है लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूता लाने की.

दूषित जल पीने से हो रही बीमारी

नगर परिषद शेखपुरा की बड़ी आबादी शहरी जलापुर्ति पाइप लाइन की व्यवस्था पर टीकी है .सबसे बड़ी बिडम्बना यह है कि जलापुर्ति के नाम पर पेयजल के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं अमल किया जा रहा है. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

दरअसल पाइप लाइन में आये दिन लिकेज की स्थिति उत्पन्न हो जाने से शहर की आबादी दूषित पानी पीने को विवश हो जाते है. दरअसल जिन इलाकों में जलापुर्ति के लिए जल मीनार का उपयोग किया जा रहा है वहां भी ब्लीचींग पाउडर का छीड़काव नहीं किया जा रहा है. यही कारण है कि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है बीमार हो रहे हैं.

क्या है लक्षण

तेज बुखार आना, भूख नहीं लगना, लम्बे समय तक बुखार रहना, पेट दर्द और पतला पैखाना होना

बचाव के उपाय

पानी पीने के पहले उसे उबालना अथवा फिलटर मे साफ करना एवं ताजा भोजन करना

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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