शेखपुरा : जिले में कम वर्षापात को लेकर रबी फसले पर संकटों का बादल मंडराने लगा है. हालाकि विभाग ने जिले में रबी फसल के लिए 39 हजार 500 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है. परंतु बारिश की स्थिति अच्छी नहीं होने से सैकड़ों हेक्टेयर धान का फसल पहले ही बर्बाद हो चुका है. इसके […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
शेखपुरा : जिले में कम वर्षापात को लेकर रबी फसले पर संकटों का बादल मंडराने लगा है. हालाकि विभाग ने जिले में रबी फसल के लिए 39 हजार 500 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है.
परंतु बारिश की स्थिति अच्छी नहीं होने से सैकड़ों हेक्टेयर धान का फसल पहले ही बर्बाद हो चुका है. इसके साथ ही बारिश के आंकड़ों पर नजर डाले तो अक्तूबर माह में सामान्य वर्षापात 59.2 होनी चाहिए थी. जिसके बदले में बारिस की स्थिति शून्य पाया गया. जिले के सिंचित भुमि वाले किसान तो किसी प्रकार अपनी पूंजी झोंककर रबी फसल लगा सकेंगे.
परंतु असिंचित भुमि वाले किसानों के लिए तो कोई विकल्प ही नहीं दिख रहा है. ऐसे में धान फसल से हाथ धो बैठने वाले किसान अब रबी फसल के लाभ से भी वंचित रह जायेंगे. जिले में सूखाड़ के हालातों पर अगर नजर डाले तब यहां जून माह में औसत से भी भारी बारिस हुई.
जिसके कारण जमकर धान की रोपनी की गई. जून माह में सामान्य वर्षापात 165.2 रहा जबकि वास्तविक बारिस 197.94 रहा. इसी प्रकार जुलाई माह का सामान्य वर्षापात 260.5 और वास्तविक 293.37 जबकि औसत वर्षापात 227.87 ही रहा.
वहीं सितम्बर माह में सामान्य वर्षापात 205.2 जबकि वास्तविक वर्षापात मात्र 55.73 मि0 मी0 ही हो सका. ऐसे में धान के बाद रबी फसल पर भी संकटों के बादल मंडराने लगे है.
रबी फसल का शेखपुरा जिले में लक्ष्य (हेक्टेयर में) :