बरबीघा (शेखपुरा) : आगामी चार व पांच मई को तिलका मांझी, भागलपुर विश्वविद्यालय से हटकर नये नोटिफिकेशन के मुताबिक मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत पड़नेवाले एसकेआर कॉलेज की जांच की जायेगी. बेंगलुरु स्थित नेशनल असेसमेंट एंड अक्रेडिटेशन काउंसिल(नैक) की पीयर टीम द्वारा कॉलेज के विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण और आकलन किया जायेगा. इसकी जानकारी एकमात्र अंगीभूत […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बरबीघा (शेखपुरा) : आगामी चार व पांच मई को तिलका मांझी, भागलपुर विश्वविद्यालय से हटकर नये नोटिफिकेशन के मुताबिक मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत पड़नेवाले एसकेआर कॉलेज की जांच की जायेगी. बेंगलुरु स्थित नेशनल असेसमेंट एंड अक्रेडिटेशन काउंसिल(नैक) की पीयर टीम द्वारा कॉलेज के विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण और आकलन किया जायेगा. इसकी जानकारी एकमात्र अंगीभूत कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर भवेशचंद्र पांडे ने दी.
उन्होंने बताया कि टीम के द्वारा कॉलेज की ग्रेडिंग की जायेगी, जिसके बाद भविष्य में इसको मिलने वाले अनुदान का निर्धारण होगा. इस टीम के द्वारा कॉलेज की पढ़ाई, शिक्षकों की संख्या तथा योग्यता, उनके शोध कार्यों की समीक्षा, छात्रों की स्थिति, परीक्षा, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम, परीक्षा परिणाम, पुस्तकालय, प्लेग्राउंड, छात्र संघ, कंप्यूटर आदि की समीक्षा कर अंक दिये जायेंगे. टीम कॉलेज में महिला सुरक्षा, रैगिंग, शिकायत निवारण, आईक्यूएसी की गतिविधियों, करियर सेल, एन एस एस, आदि की भी जानकारी लेगी.
सही ग्रेडेशन नहीं होने पर रुक सकता है अनुदान
ग्रेडेशन के लिए आयी टीम के द्वारा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं होने पर और कॉलेज को निर्धारित मानक के अनुसार सही अंक नहीं मिलने पर कॉलेज को प्राप्त होने वाला अनुदान रोका जा सकता है. संसाधन पर भवन को भले ही इस जांच को लेकर अफरातफरी में महाविद्यालय के प्रबंधन के द्वारा सजाने चमकाने की कोशिश की जा रही है. लेकिन, विज्ञान संकाय के गणित और रसायन में एक-एक शिक्षक और भौतिकी में एक भी शिक्षक नहीं होने के कारण मृतप्राय हो चुके विभाग का ग्रेडेशन भगवान भरोसे ही हो सकता है. वहीं, वाणिज्य विभाग में भी एक मात्र शिक्षक कार्यरत हैं जबकि कला में भी हिंदी के लिए कुछ शिक्षक बचे हैं.