राशि ट्रांसफर के पहले नहीं की टेलीफोनिक पड़ताल
फर्जीवाड़े में तीन खाते का लिया गया सहारा
शेखपुरा : नगर परिषद के सरकारी खाते से साढ़े दस लाख रुपये की फर्जी निकासी के मामले में जहां पुलिस अनुसंधान जारी है. वहीं प्रथम दृष्टया इस मामले में बैंक की लापरवाही सामने आया है. इस मामले में नगर अधिकारियों की माने तो किसी भी बड़ी रकम के चेक भुगतान के पहले पिछले दिनों टेलीफोनिक वेरिफिकेशन किया जाता रहा है.
लेकिन इस घटना में ऐसा नहीं किया जा सका. नगर परिषद के 13वें वित्त में फर्जी निकासी को लेकर अपराधियों ने ऐसे चेक नंबर का क्लोन तैयार कर फर्जी निकासी किया, जो नगर परिषद के पास आज भी उपलब्ध है. इसके साथ ही नगर परिषद ने 13वें वित्त योजना से जुड़े स्टेट बैंक चांदनी चौक मुख्य शाखा स्थित खाते में जिस अंक के चेक का भुगतान पूर्व में किया है. उस अंग से 10 अंक आगे वाले चेक का क्लोन तैयार कर फर्जी निकासी का खेल खेला गया. इस फर्जीवाड़े में बदमाशों ने पटना और नालंदा के तीन शाखाओं में खोले गये खाते का सहारा लिया.
जिस में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक शामिल है. सबसे बड़ी बात यह है फर्जी निकासी से जुड़े इन खातों को मई 2017 नहीं खोला गया है. इससे आशंका जाहिर किया जा रहा है कि अपराधियों ने पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोला और उसके बाद घटना को अंजाम दिया.
दरअसल शेखपुरा के एसबीआई चांदनी चौक पर जिस खाता नंबर से यह निकासी की गई है. उसके क्लोन चेक बना कर मुंबई एसबीआई ब्रांच में जाकर चिन्हित खातों में राशि का ट्रांसफर किया गया है. इस खेल में शातिर अपराधियों ने 30 दिसंबर को पटना के पुनायचक निवासी जनंजय नामक व्यक्ति के यूनियन बैंक एवं फेडरल बैंक के खाते से 2.17 लाख एवं 3.65 लाख रुपए की निकासी की गई. जबकि अगले ही दिन एक जनवरी 2018 को पटना के शास्त्री नगर निवासी अंजली सिद्धार्थ के नाम से 4.85 लाख रुपए की निकासी यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से की गई. इस खेल में नगर परिषद शाखा के चेक संख्या 690669, 690670, 690671 से राशि का फर्जी निकासी किया गया है.
बैंक की लापरवाही:
जिले में क्लोन चेक बनाकर किये गये फर्जी निकासी के मामले में एक तरफ जहां बैंक प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है.
वहीं अगर विभागीय जानकारों की मानें तो बड़ी रकम भुगतान करने के पहले फर्जी चेक की पहचान करने के लिए यूवी लैंप का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन मुंबई के बैंक शाखा में राशि ट्रांसफर करने के दौरान ऐसा नहीं किया गया. वहीं दूसरी ओर जानकारों की मानें तो अपराधियों ने एक सोची समझी साजिश के तहत देश के ऐसे शहर के बैंक शाखा को राशि ट्रांसफर में इस्तेमाल किया, जहां अधिक व्यस्त होने के कारण वेरिफिकेशन की गुंजाइश कम होती है.
नगर परिषद ने खाते को फ्रिज कराकर,चेकबुक किया सील:
क्लोन चेक के जरिए नगर परिषद के सरकारी खाते से फर्जी निकासी की घटना के बाद हरकत में आये अधिकारियों ने जहां उक्त खाते को फ्रीज कर दिया है. वहीं फर्जी निकासी से संबंधित चेक बुक को भी सील कर दिया है. इसके साथ ही फर्जी निकासी के इस खेल में टाउन थाना के साथ मुंबई में भी एफआईआर दर्ज करायी है.
क्या कहते हैं अधिकारी
क्लोन चेक बनाने की घटना में किसकी सलिप्तता है, इसकी विभागीय जांच भी करायी जा रही है. साथ ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है. इस घटना के बाद सभी आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है.
सुनील कुमार, कार्यपालक अधिकारी, नगर परिषद शेखपुरा.
