शेखपुरा : खेती में नये तकनीक को शामिल कर किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए एनडीए वचनबद्ध है. धान और गेंहू की खेती के अलावा किसानों को अब फूल, फल, मशाला आदि गैर परंपरागत खेती के अलावा मुर्गें, मछली, बकरी, मधुमक्खी पालन आदि अपनाने पर जोर देना होगा. कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने सरकारी अतिथिशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार के तीसरे कृषि रोड मैप से 2022 तक किसानों की आमदनी दो गुना हो जायेगी.
नौ नवंबर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविद 1.54 लाख करोड़ राशि की कृषि रोड मैप की शुरुआत करेंगे. उन्होंने बताया कि इस कार्य योजना के तहत सरकार के 12 सहकारिता, सिंचाई, भू-राजस्व आदि विभाग संयुक्त रूप से किसानों के लिए तैयार योजनाओं का क्रिन्यान्वयन शुरू करेंगे. किसानों को रसायनिक खाद से छुटकारा को लेकर जैविक खाद को बढ़ावा दिया जायेगा. कृषि रोड मैप में पटना से लेकर भागलपुर तक गंगा तक के गांवों और राष्ट्रीय राज पथ को जैविक गांव के रूप में विकसित किया जायेगा
. उन्होंने कहा कि राज्य के 13 लाख किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच कर ली गयी है. प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत सभी खेतों को पानी पहुंचा दिया जायेगा. किसानों को परंपरागत कृषि के अलावा मुर्गी पालन, बकरी पालन, फूल, मशाला आदि 48 प्रकार के नकदी फसल के लिए प्रोत्साहित करेंगे. उन्होंने शेखपुरा व बरबीघा प्रखंड के सामस स्थित विष्णु धाम को पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकसित करने को लेकर मंत्री स्तर पर योजना बनाने की बात कही. मंत्री अपने एक दिवसीय दौरा के क्रम में यहां कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए किये जाने वाले कार्यों की समीक्षा की. मंत्री ने समीक्षा के दौरान मिट्टी, उद्योग, मत्स्य पालन आदि कार्यों की भी समीक्षा की.
