Sheohar News: जिले में बहुप्रतीक्षित एवं महत्वाकांक्षी राम जानकी पथ परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने और भू-अर्जन की प्रक्रिया को पारदर्शी व सुचारू बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. डीएम प्रतिभा रानी के सख्त निर्देश के आलोक में गुरुवार को जिला स्तरीय 5 सदस्यीय विशेष प्रशासनिक कमेटी ने जिले के 4 महत्वपूर्ण मौजों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया. इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परियोजना के तहत अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की वास्तविक श्रेणी व किस्म का सटीक निर्धारण करना रहा ताकि जमीन स्वामियों को उनका न्यायसंगत हक मिल सके.
खेसरा सूची के आधार पर जमीन की किस्म का हुआ सटीक निर्धारण
प्रशासन को प्राप्त खेसरा सूची के आधार पर 5 सदस्यीय कमेटी ने जमीनी स्तर पर पहुंचकर अर्जनाधीन भूमि की प्रकृति, किस्म और प्रकार का बारीकी से सत्यापन किया.
अधिकारियों की टीम ने यह सुनिश्चित करने के लिए भौतिक जांच की कि वास्तविक स्थिति के आधार पर ही भूमि का मूल्यांकन हो, जिससे किसी भी भू-स्वामी को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े और उन्हें उनकी जमीन की श्रेणी के अनुसार उचित व पारदर्शी मुआवजा समय पर मिल सके.
भटहां, श्यामपुर, भोड़हां मोहनपुर व बीरा छपरा का हुआ मुआयना
निरीक्षण दौरे के क्रम में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने भटहां, श्यामपुर, भोड़हां मोहनपुर और बीरा छपरा मौजों का विस्तारपूर्वक भ्रमण किया.
इन क्षेत्रों में कमेटी के सदस्यों ने अधिग्रहित होने वाली जमीन के एक-एक हिस्से का मुआयना किया और मौके पर ही संबंधित तकनीकी व राजस्व संबंधी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की. अधिकारियों का मानना है कि इस भौतिक सत्यापन से भू-अर्जन प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं और विवादों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी.
कनेक्टिविटी और व्यापार को लगेंगे पंख, प्रशासन कृतसंकल्पित
राम जानकी पथ का निर्माण शिवहर जिले के समग्र विकास, धार्मिक पर्यटन और सुगम यातायात के दृष्टिकोण से मील का पत्थर साबित होगा.
इस फोरलेन परियोजना के पूर्ण होने से जिले की अंतरजिला व अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. निरीक्षण के दौरान डीडीसी संजय कुमार, एडीएम मेधावी सहित भू-अर्जन व राजस्व विभाग के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे.
