Sheohar News: आगामी संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने और जिले की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को शहर के पछियारी पोखर पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर सह मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 9वीं बटालियन की विशेषज्ञ टीम द्वारा जिले के गृह रक्षकों (होमगार्ड्स), स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों को आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सघन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
तेज धार में बोट संचालन और सर्च-रेस्क्यू के सिखाए गए गुर
प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ के दक्ष प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को मोटरबोट को सुरक्षित रूप से स्टार्ट करने, बंद करने और बाढ़ के तेज बहाव के बीच उसे कुशलतापूर्वक नियंत्रित करने का अभ्यास कराया.
इसके अलावा बाढ़ व अन्य जलजनित आपदाओं के समय अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों, जलधारा में फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी तथा प्रभावी खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) अभियान संचालित करने की तकनीकी रणनीतियों से अवगत कराया गया.
प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की विधि का हुआ व्यावहारिक अभ्यास
शिविर में उपस्थित सभी गृह रक्षकों, गोताखोरों और आपदा मित्रों को आपात स्थिति में डूबते या बेहोश व्यक्ति की जान बचाने के लिए फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) और सीपीआर (CPR) देने की सही वैज्ञानिक विधि सिखाई गई.
एनडीआरएफ टीम द्वारा वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों का सृजन कर एक जीवंत मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया गया, ताकि वास्तविक बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की मानवीय या तकनीकी चूक से बचा जा सके और कम से कम समय में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके.
जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना मुख्य लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि इस सघन प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एक ऐसी दक्ष टीम तैयार करना है जो किसी भी जल प्रलय की स्थिति में जिला प्रशासन के साथ मिलकर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य कर सके, जिससे जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके.
इस अवसर पर अपर समाहर्त्ता सह जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी कृष्ण कुमार यादव, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्वेता सुमन सहित जिला आपदा प्रबंधन शाखा के कई अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे.
