Sheohar News: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ललन कुमार रजक ने शनिवार को स्थानीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान संस्थान की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
अभिलेख व्यवस्थित मिले, परिसर पूरी तरह तैयार
निरीक्षण में संस्थान का ढांचा, कार्यालयी अभिलेख, पंजी और अन्य विधिक दस्तावेज अद्यतन एवं व्यवस्थित पाए गए.
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में संस्थान में कोई बच्चा आवासित नहीं है. इसके बावजूद पूरे परिसर को साफ-सुथरा और किसी भी समय बच्चों के आगमन के लिए तैयार रखा गया है.
लावारिस बच्चा मिले तो तुरंत दें सूचना
निरीक्षण के बाद डीएलएसए सचिव ललन कुमार रजक ने लोगों से अपील की कि यदि जिले में कहीं भी कोई लावारिस या बेसहारा बच्चा मिले तो उसकी सुरक्षा और विधिक संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दें.
उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना किसी बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है.
अवैध गोद लेना दंडनीय अपराध
डीएलएसए सचिव ने स्पष्ट किया कि किसी भी बच्चे को बिना वैधानिक प्रक्रिया के अपने पास रखना या अवैध रूप से गोद लेना कानूनन दंडनीय अपराध है.
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य जरूरतमंद और असहाय बच्चों को कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराना तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण दिलाना है. उन्होंने आम लोगों से बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की तत्काल सूचना देने की अपील की.
