Sheohar News: पिपराही. हरिकिशोर सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक, शिवहर के यांत्रिक अभियंत्रण यानी मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) से प्रत्यायन प्राप्त हुआ है. इस उपलब्धि के बाद संस्थान में हर्ष और गौरव का माहौल है. संस्थान के अनुसार यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, परिणाम आधारित शिक्षा प्रणाली (OBE) और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है. NBA प्रत्यायन मिलने के साथ ही यह संस्थान शिवहर जिले का पहला तकनीकी संस्थान बन गया है, जिसे यह प्रत्यायन प्राप्त हुआ है.
21 से 23 अगस्त तक हुई थी मूल्यांकन प्रक्रिया
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के NBA प्रत्यायन की प्रक्रिया 21 से 23 अगस्त 2026 तक संस्थान में पूरी की गयी. इस दौरान विशेषज्ञ टीम ने विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था और विभिन्न अकादमिक प्रक्रियाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया.
विशेषज्ञों ने प्रयोगशालाओं, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, परिणाम आधारित शिक्षा प्रणाली, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, संकाय सदस्यों के योगदान और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं का भी आकलन किया.
शिवहर का पहला तकनीकी संस्थान जिसे मिला NBA प्रत्यायन
संस्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हरिकिशोर सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक, शिवहर जिले का पहला तकनीकी संस्थान बन गया है जिसे NBA प्रत्यायन प्राप्त हुआ है.
संस्थान की ओर से इसे जिले में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया. इससे गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को नई पहचान मिलने और संस्थान की शैक्षणिक प्रक्रियाओं को और मजबूत करने की उम्मीद जतायी गयी है.
विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए मिलेगी मदद
NBA प्रत्यायन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, कौशल विकास और रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है.
संस्थान में परिणाम आधारित शिक्षा, प्रयोगशाला विकास और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़ी प्रक्रियाओं को और व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है. इससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल हासिल करने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे.
समन्वयक कपिल देव कुमार ने बताया उपलब्धि का महत्व
NBA समन्वयक कपिल देव कुमार ने कहा कि NBA प्रत्यायन केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और परिणाम आधारित तकनीकी शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रमाण है.
उन्होंने पूरी प्रक्रिया में सभी विभागों और संस्थान के सदस्यों के टीम भावना से काम करने को उपलब्धि का महत्वपूर्ण कारण बताया. उन्होंने कहा कि यह सफलता भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी.
विभागाध्यक्ष राजेश कुमार ने सामूहिक प्रयास बताया
यांत्रिक अभियंत्रण विभागाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि विभाग के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है.
उन्होंने बताया कि NBA मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रयोगशाला विकास, दस्तावेजीकरण, परिणाम आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया. उनके अनुसार प्रत्यायन विभाग के लिए नई जिम्मेदारी और नई ऊर्जा लेकर आया है.
शिशु रंजन ने टीम भावना और निरंतर सुधार पर दिया जोर
यांत्रिकी अभियंत्रण शाखा के समन्वयक शिशु रंजन ने कहा कि NBA प्रत्यायन की पूरी प्रक्रिया संस्थान के लिए सीखने और लगातार सुधार करने का महत्वपूर्ण अनुभव रही.
उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग और मार्गदर्शन देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देने का संकल्प और मजबूत हुआ है.
प्राचार्य ने पूरी टीम को दिया श्रेय
संस्थान के डीन अकादमिक रवि शंकर कुमार मिश्रा ने कहा कि NBA के मानकों को पूरा करने की दिशा में किये गये कार्यों से संस्थान की शैक्षणिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद मिली.
वहीं प्राचार्य डॉ. दिवाकर भगत ने इस उपलब्धि को किसी एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि पूरे संस्थान की सामूहिक उपलब्धि बताया. उन्होंने शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के निरंतर सहयोग, परिश्रम और समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया.
