Sheohar News: शिवहर समाहरणालय के संवाद कक्ष में सोमवार को डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. डीएम ने आपदा प्रबंधन, तटबंधों की निगरानी, राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं, बायोमेट्रिक उपस्थिति, अनावश्यक रेफरल और एम्बुलेंस संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
बाढ़ से पहले पॉलीथीन शीट और लाइफ जैकेट का पर्याप्त स्टॉक रखें
डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों (सीओ) को संभावित बाढ़ 2026 को देखते हुए अपनी आवश्यकता के अनुसार पॉलीथीन शीट्स और लाइफ जैकेट की मांग समय रहते भेजने तथा पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में राहत सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए.
सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे आकस्मिक फसल योजना
जिला कृषि पदाधिकारी प्रीति कुमारी को बाढ़ एवं सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सुदृढ़ आकस्मिक फसल योजना तैयार रखने का निर्देश दिया गया. किसानों को धान के साथ वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया, ताकि मौसम की प्रतिकूल स्थिति में किसानों को कम नुकसान हो.
तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश
डीएम ने बागमती प्रमंडल, शिवहर/सीतामढ़ी के अधिकारियों को तटबंधों की लगातार और कड़ी निगरानी करने का निर्देश दिया. जहां मरम्मत की आवश्यकता हो, वहां काम तत्काल पूरा कराने को कहा गया, ताकि संभावित टूट से बचाव किया जा सके.
बाढ़ के दौरान अस्पतालों में सर्पदंश की दवाएं उपलब्ध रहें
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रखते हुए सिविल सर्जन डॉ. आरके सिंह को बाढ़ के दौरान होने वाली बीमारियों की आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया. खास तौर पर सर्पदंश से बचाव की दवाएं जिला एवं प्रखंड स्तर के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध रखने को कहा गया.
बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो वेतन-मानदेय पर रोक
स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी. ड्यूटी पर आने और जाने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा. डीएम ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति के बिना किसी भी कर्मी के वेतन या मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा.
अनावश्यक रेफरल पर रोक, बाल मृत्यु का होगा रिव्यू
डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को मरीजों का अनावश्यक रेफरल कम से कम करने का निर्देश दिया. मरीजों को केवल अत्यंत आवश्यकता होने पर ही उच्च स्वास्थ्य संस्थान भेजने को कहा गया.
शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक बाल मृत्यु की सूचना आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्राप्त करने और चाइल्ड डेथ रिव्यू कराने का निर्देश दिया गया, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें.
15 एम्बुलेंस के रनिंग स्टेटस में सुधार का आदेश
बैठक में जिले में संचालित 15 एम्बुलेंस की भी समीक्षा की गई. कुछ एम्बुलेंस का रनिंग स्टेटस संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने और सभी एम्बुलेंस को सुचारू रूप से संचालित रखने का निर्देश दिया गया.
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