Sheohar News: पवित्र श्रावण मास के दौरान ऐतिहासिक देकुली धाम परिसर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शिवहर शाखा की ओर से नशामुक्ति अभियान के तहत आयोजित आध्यात्मिक प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. प्रदर्शनी में 12 ज्योतिर्लिंगों के भव्य स्वरूप के दर्शन के साथ लोगों को राजयोग, सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और व्यसनमुक्त जीवन का संदेश दिया जा रहा है.
Dekuli Dham News: एक पंडाल में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
प्रदर्शनी में सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, बैद्यनाथ धाम, भीमाशंकर, रामेश्वरम, नागेश्वर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, केदारनाथ और घृष्णेश्वर नाथ सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के भव्य एवं आकर्षक स्वरूपों को कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया गया है.
इससे वैसे श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिल रही है, जो देश के सभी ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं. एक ही परिसर में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का अवसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है.
नशामुक्ति और आध्यात्मिक चेतना का दिया जा रहा संदेश
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य समाज और विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना तथा आध्यात्मिक चित्रों और राजयोग के माध्यम से अच्छे संस्कार विकसित करना है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
राजयोग शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित
प्रदर्शनी परिसर में प्रतिदिन राजयोग शिविर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और महाआरती का आयोजन किया जा रहा है. श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को तनावमुक्त, व्यसनमुक्त और सुखी जीवन जीने के व्यावहारिक तरीके भी बताए जा रहे हैं.
आयोजकों के अनुसार प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त, कांवड़िए और मेले में पहुंचने वाले आम दर्शक प्रदर्शनी में शामिल होकर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठा रहे हैं.
आत्मिक शांति और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचाने का प्रयास
केंद्र की संचालिका भारती बहन ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है. 12 ज्योतिर्लिंगों के आध्यात्मिक रहस्यों और राजयोग के माध्यम से लोगों तक आत्मिक शांति एवं नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में तनाव और व्यसन से दूर रहकर सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीना जरूरी है. प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को इसी दिशा में प्रेरित किया जा रहा है.
बढ़ते तनाव के बीच सकारात्मक सोच की जरूरत
भारती बहन ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, डिप्रेशन, आपसी कलह और चिंता जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. ऐसे दौर में समाज को नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक हो गया है.
उन्होंने कहा कि एक ही पंडाल में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव है. इसके साथ राजयोग और सकारात्मक सोच का संदेश लोगों के जीवन में शांति एवं संतुलन लाने में सहायक हो सकता है.
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