समाज की मुख्यधारा में शामिल हों नक्सली

मुसहरी बाजार में भटके राही नाटक का मंचन तरियानी : प्रखंड के मुसहरी बाजार में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत भटके राही नामक नुक्क्ड़ नााटक का मंचन किया गया. इसमें बताया गया कि जो युवा वर्ग गुमराह होकर नक्सली बन जाते हैं. उनकी व उनके माता-पिता तक की सामाजिक प्रतिष्ठा घट जाती है. बताया गया कि […]

मुसहरी बाजार में भटके राही नाटक का मंचन

तरियानी : प्रखंड के मुसहरी बाजार में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत भटके राही नामक नुक्क्ड़ नााटक का मंचन किया गया. इसमें बताया गया कि जो युवा वर्ग गुमराह होकर नक्सली बन जाते हैं. उनकी व उनके माता-पिता तक की सामाजिक प्रतिष्ठा घट जाती है. बताया गया कि किस तरह प्रलोभन देकर नक्सली बनाया जाता है.
नाटक के माध्यम से कलाकारों ने खुशहाल जिंदगी के लिए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की. कहा कि आत्मसमर्पण करने से नक्सलियों को सरकार द्वारा तीन लाख रुपये देय है. वही इंदिरा आवास, जमीन के साथ दो बच्चों के बीए तक पढ़ाने का खर्च सरकार देती है. उक्त नाटक चाईबासा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया. मौके पर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद, एसएसबी के कमांडेंट उमाशंकर पटेल, अनि संजय कुमार सिंह, सुदामा सिंह समेत कई मौजूद थे.

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