किसानों को मिलेगा मृदा कार्ड

शिवहर : किसानों को मिट्टी जांच के लिए अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी. मई माह से मृदा स्वास्थ्य कार्ड के निर्माण एवं वितरण की प्रक्रिया जारी होगी. इसके लिए कृषि विभाग द्वारा टीम गठित की गयी है, जिसमें कृषि समन्वयक व कृषि सलाहकार को शामिल किया गया है. उक्त जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी विजय प्रकाश […]

शिवहर : किसानों को मिट्टी जांच के लिए अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी. मई माह से मृदा स्वास्थ्य कार्ड के निर्माण एवं वितरण की प्रक्रिया जारी होगी. इसके लिए कृषि विभाग द्वारा टीम गठित की गयी है, जिसमें कृषि समन्वयक व कृषि सलाहकार को शामिल किया गया है.
उक्त जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी विजय प्रकाश ने दी. बताया कि टीम ढ़ाई एकड़ एरिया के जमीन से प्लॉटवार मिट्टी का नमूना इकट्ठा कर उसकी जांच करेगी.
उक्त क्षेत्र के किसान को मिट्टी के पोषक तत्वों एवं उसमें पोषक तत्वों कमी आदि की जानकारी दी जायेगी एवं मृदा कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि किसान सही उर्वरक का चुनाव कर सके. कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मृदा परीक्षण से मृदा में उपलब्ध पोषक तत्वों की मात्र का सही सही निर्धारण हो जाता है, जिससे आगामी फसलों में दी जानेवाली उर्वरकों की संतुलित मात्र की जानकारी हो जाती है.
इस प्रकार फसलों की दृष्टि से पोषक तत्वों की कमी का ज्ञान होने पर आर्थिक दृष्टि से उपयुक्त उर्वरकों की संतुष्टि की जाती है. मृदा परीक्षण से मृदा सुधारक पदार्थो की मात्र का भी ज्ञान हो जाता है. जरुरत से अधिक रसायनिक उर्वरक का प्रयोग खेत एवं खेती के लिए नुकसान देह है. मृदा जांच से इस पर अंकुश लगाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से जिले में किसानों के व्यक्तिगत खेत के मिट्टी की भी जांच की जा रही है. इधर कृषि वैज्ञानिक डा साजिद का कहना है कि खरीफ की तैयारी के लिए किसान खेतों की जोताई करके छोड़ दे. धईचा व लोबिया की खेती कर हरी खाद तैयार कर सकते हैं. पिछात सब्जी भिंडी आदि की भी खेती की जा सकती है.

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