रोहतास में वन्यजीवों से नुकसान पर मिलेगा 10 लाख रुपये तक मुआवजा, DFO ने जारी की अपील

वन्यजीवों द्वारा फसल, मकान या पशुधन को नुकसान होने पर बिहार सरकार मुआवजा देगी। मुआवजे की राशि और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी यहाँ विस्तार से पढ़ें।

Rohtas News : वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) स्टॉलिन फीडल कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति, पशुधन, मकान या फसल को वन्यजीवों से नुकसान होता है तो घबराने के बजाय इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें. बिहार सरकार के निर्धारित प्रावधानों के तहत पात्र मामलों में सहायता (मुआवजा) राशि उपलब्ध कराई जाती है.

मानव क्षति पर 10 लाख रुपये तक सहायता

डीएफओ ने बताया कि बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, भेड़िया, सियार, लकड़बग्घा, जंगली भैंसा, गौर, गैंडा सहित अन्य अधिसूचित वन्यजीवों के हमले से मानव, पशुधन, मकान और फसल को हुई क्षति पर सहायता राशि का प्रावधान है.

उन्होंने बताया कि वन्यजीवों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपये तक, गंभीर रूप से घायल होने पर 1.44 लाख रुपये तक तथा सामान्य चोट लगने पर 24 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है.

पशुधन, मकान और फसल क्षति पर भी मिलेगी सहायता

डीएफओ ने बताया कि वन्यजीवों के हमले में पशुधन की मौत होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 4,800 रुपये से 24 हजार रुपये तक सहायता राशि दी जाती है.

इसके अलावा हाथी, गौर और गैंडे से मकान क्षतिग्रस्त होने पर 4,800 रुपये से 96 हजार रुपये तक तथा हाथी, नीलगाय और जंगली सूअर से फसल को नुकसान होने पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता राशि का प्रावधान है.

तुरंत दें सूचना, डीबीटी से मिलेगा मुआवजा

डीएफओ ने कहा कि सहायता राशि प्राप्त करने के लिए घटना की जानकारी बिना देरी किए संबंधित वन क्षेत्र पदाधिकारी, वनपाल या वनरक्षी को दें, ताकि समय पर स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

सभी आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे लाभुक के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी.

वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की अपील

वन प्रमंडल पदाधिकारी ने लोगों से वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाने और उन्हें उकसाने से बचने की अपील की. उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास का सम्मान करें और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी वन्यजीव दिखाई दें या मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.


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By Punit Kr Pandey

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