Rohtas News : घरों से निकलने वाला कचरा अब पंचायतों के लिए सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि कमाई का जरिया बनने जा रहा है. गीले कचरे से जैविक खाद तैयार कर उसे बाजार में बेचने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है. इसे लेकर मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित बीडीओ कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी शेफाली की अध्यक्षता में स्वच्छता पदाधिकारियों और पंचायत सचिवों की बैठक हुई. बैठक में कचरे के बेहतर प्रबंधन और उससे आय अर्जित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई.
घर-घर अलग होगा गीला और सूखा कचरा
बीडीओ शेफाली ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायतों में घर-घर से गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण सुनिश्चित किया जाए. गीले कचरे को निर्धारित स्थल पर पहुंचाकर उससे जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने खाद की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ उसके सुरक्षित भंडारण और पैकेजिंग की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया.
खाद बिकेगी बाजार में, पंचायतों को होगी अतिरिक्त कमाई
बैठक में बताया गया कि कचरे से तैयार जैविक खाद को खुले बाजार में बेचने की योजना है. इससे एक ओर कचरा निस्तारण की समस्या कम होगी, वहीं दूसरी ओर पंचायतों को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी. अधिकारियों को खाद की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया.
ग्रामीणों को भी करना होगा सहयोग
बीडीओ ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया. लोगों को घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा. स्वच्छता पदाधिकारी और पंचायत सचिवों को कचरा संग्रहण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया.
कचरा बनेगा संसाधन, स्वच्छता के साथ बढ़ेगी आय
बैठक में स्पष्ट किया गया कि कचरे को बोझ मानने के बजाय उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. गीले कचरे से खाद तैयार कर उसे बाजार में बेचने से स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होने के साथ पंचायतों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की प्रखंड समन्वयक किरण कुमारी, पंचायत सचिव सोनेलाल, स्वच्छता पर्यवेक्षक भानु कुमार, धर्मेंद्र कुमार, समुद्र कुमार, संजय आजाद, हरिवंश नारायण सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.
