Sasaram News : बिहार सरकार की ओर से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं लोक भवन की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से जुड़े प्रस्तावित विधेयक का विरोध तेज हो गया है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र, आरा के अध्यक्ष शशिरंजन ने कहा कि यदि सरकार ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय संबंधी ड्राफ्ट वापस नहीं लिया तो शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र संगठन मिलकर व्यापक आंदोलन करेंगे.
यूजी कॉलेजों को सीधे सरकार के अधीन लाने का विरोध
प्रभात खबर से बातचीत में शशिरंजन ने कहा कि सरकार स्नातक (यूजी) स्तर के डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग कर सीधे अपने अधीन लाने तथा स्नातकोत्तर महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय मुख्यालय को लोक भवन के अधीन करने की तैयारी कर रही है. उनका कहना था कि इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था की मूल संरचना और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
1976 के विश्वविद्यालय अधिनियम से छेड़छाड़ का आरोप
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 तथा पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की मूल भावना से छेड़छाड़ का विरोध किया जाएगा. साथ ही राज्यपाल को प्राप्त स्वायत्त अधिकारों के हनन को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पटना विश्वविद्यालय में पिछले तीन दिनों से शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र संगठन इस प्रस्तावित विधेयक के विरोध में आंदोलनरत हैं.
रोहतास के कॉलेजों में रहा सामूहिक अवकाश
गुरुवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (वकुटा) के आह्वान पर रोहतास जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहे. इस दौरान कई स्थानों पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी किया गया. रोहतास महिला कॉलेज, सासाराम के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रस्तावित ड्राफ्ट को वापस लेने की मांग की.
