शौचालय को बना दिया भूसा और कबाड़ घर

SASARAM NEWS.स्वच्छ भारत अभियान और देश को खुले में शौच मुक्त बनाने का अभियान प्रखंड क्षेत्र में दम तोड़ता नजर आ रहा है. हालत ऐसी है सरकारी की ओर से दी गयी सहायता राशि से बने शौचालय अब जर्जर हो चुके हैं.

लोहिया स्वच्छता अभियान फेल, फिर से खुले में शौच की आदत को अपना रहे लोग

तिलौथू प्रखंड को किया गया था ओडीएफ घोषित

प्रतिनिधि,अमझोर

स्वच्छ भारत अभियान और देश को खुले में शौच मुक्त बनाने का अभियान प्रखंड क्षेत्र में दम तोड़ता नजर आ रहा है. हालत ऐसी है सरकारी की ओर से दी गयी सहायता राशि से बने शौचालय अब जर्जर हो चुके हैं. लाभुक इन शौचालयों का इस्तेमाल कबाड़ और भूसा रखने में कर रहे हैं. दरअसल अमझोर थाना क्षेत्र के सरैया स्थित मुख्य मार्ग पर लाठौर जाति के लोगों के लिए शौचालय का निर्माण कराया गया था, पर वर्तमान में सभी शौचालय बंद पड़े हैं. लगभग यही स्थिति पूरे प्रखंड क्षेत्र की है. ऐसे में शौचालय जर्जर होने व इस्तेमाल योग्य नहीं रहने पर एक बार फिर से लोग खुले में शौच का विवश हैं. जिससे स्वच्छ भारत अभियान का सपना भी यह दम तोड़ रहा है. सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा है

सारी मेहनत पर फिर गया पानी

गौरतलब है कि 2016 में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के सहयोग से ओडीएफ कार्यक्रम को सफल बनाया गया था, उस समय ऐसा प्रतीत हुआ कि लोग अब पुरानी प्रथा को त्याग कर सरकारी शौचालय का इस्तेमाल करेंगे. किंतु रखरखाव और पुरानी आदत ने इस कार्यक्रम को पूरी तरह से फेल कर दिया. बताते चलें कि प्रखंड में 12665 शौचायलयों के निर्माण का लक्ष्य था. जिन में से 10225 शौचालय बनाकर लोगों के सौंपा गया था. इसके लिए प्रति लाभुक 12000 रुपये सरकार की ओर दिये गये थे. इस योजना में करीब 12 करोड़ 26 लाख 88 हजार रुपये का व्यय सरकार को उठाना पड़ा था. यह राशि केवल शौचालय बनाने के लिए लाभुकों में वितरित की गयी थी.

कहते हैं पूर्व मुखिया

ओडीएफ के समय मुखिया रहे जावेद आलम ने कहा कि पूरे प्रखंड में ओडीएफ को लेकर सरैया पंचायत का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा. कोई व्यक्ति शौचालय की राशि से वंचित नहीं रहा. लेकिन, जागरूकता की कमी और सरकारी उदासीनता के कारण यह कार्यक्रम पूरी तरह से असफल हो गया है.

क्या कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी

बीडीओ अंकिता जैन ने कहा कि लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत हर बैठक में लोगों को सफाई से संबंधित अलग से दिशा निर्देश और जागरूकता के लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिये जाते हैं. तिलौथू प्रखंड ओडीएफ घोषित होने के बावजूद यदि लोग शौचायलयों का प्रयोग नहीं करते तो यह चिंता का विषय है.

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By Vikash Kumar

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