उत्तरा नक्षत्र की बारिश धान की फसल के लिए अमृत

पिछले चार दिनों से उत्तरा नक्षत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश धान की फसल के लिए अमृत साबित हो रही है

संझौली. पिछले चार दिनों से उत्तरा नक्षत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश धान की फसल के लिए अमृत साबित हो रही है. प्रगतिशील किसान लाल बाबू सिंह व विजय कुमार सिंह के अनुसार, उत्तरा नक्षत्र का 13 सितंबर को आगमन हुआ है, जो 26 सितंबर तक रहेगा. 27 सितंबर से हस्त नक्षत्र का आगमन हो जायेगा. किसानों ने बताया कि उत्तरा नक्षत्र में हो रही बारिश धान फसल के लिए अमृत है. धान में लगने वाले रोग से मुक्ति मिल जाती है. किसानों को दवा छिड़काव पर आने वाले खर्च के साथ परेशानी से छुटकारा मिल जाता है. किसानों के अनुसार वर्तमान समय में धान फसल में गालका रोग कही-कही दिखायी दे रही थी. लेकिन उत्तरा नक्षत्र में पिछले चार दिनों से हो रही हल्की माध्यम बारिश से गालका रोग खत्म हो जायेगी. इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र रोहतास (बिक्रमगंज) के केंद्र प्रभारी सह वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ आर के जलज बताते हैं उत्तरा नक्षत्र में होने वाली बारिश से धान फसल में लगने वाली रोग से फसल को निजात मिलती है. सब्जी फसल थोड़ी बहुत प्रभावित होती है. क्यों कि उत्तरा नक्षत्र का पानी तीखा होता है. दूसरे तरफ हस्त नक्षत्र में अगर बारिश हो जाती है, तो उपज अच्छी होने की उम्मीद बढ़ जाती है.

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Published by: Anurag sharan

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