300 रैयतों के विरुद्ध नोटिस, 65 ने किया आवेदन, महज छह-सात लोगों का नक्शा पास

नक्शा पास नहीं होने से कई निर्माण कार्य हो रहे प्रभावित, नक्शा के लिए नगर पंचायत का प्रतिदिन चक्कर लगा रहे रैयत

कोचस़ वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती दिनों में ही नगर प्रशासन ने शहर के करीब 300 लोगों को नक्शे के लिए नोटिस दिया था. इस नोटिस पर शहर के 75 लोगों ने अपने घरों के लिए नक्शा पास कराने का आवेदन किया. वित्तीय वर्ष की समाप्ति में महज कुछ दिन शेष बचे हैं, लेकिन नगर प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण नगर पंचायत कार्यालय ने अब तक करीब छह-सात लोगों का ही नक्शा पास कर भवन निर्माण करने की स्वीकृति दी है. शुद्ध रूप से कहा जाये, तो करीब 68 की संख्या में वैसे शहरी लोग अपने मकान निर्माण की राह देख रहे हैं, जो पास नक्शे से घर बनाना चाहते हैं. वैसे लोग, जो नगर प्रशासन को ठेंगे पर रखते हैं, उनका मकान या तो बिना नक्शे के बन चुके हैं या फिर निर्माणाधीन हैं. नगर पंचायत क्षेत्र में आज भी गांवों जैसे हालत बने हुए हैं. जिसे जब इच्छा हुई, अपनी भूमि पर भवन निर्माण कार्य शुरू करा दिया. आधिकारिक तौर पर भी यहां कोई रोक-टोक नहीं है. वहीं, दूसरे शब्दों में कहा जाए, तो यहां नगरपालिका अधिनियम के तहत निर्माणाधीन भूमि के नक्शा पास कराने की बाध्यता नहीं है. इन निर्माणों पर नगर प्रशासन की या तो नजर नहीं है या फिर कुछ और कारणों से नजर फेरे हुए हैं. परंतु, इस नजर फेर के कारण शहर में कई जगहों पर विवाद उत्पन्न होने लगे हैं. ऐसा ही एक उदाहरण नगर पंचायत के वार्ड दस स्थित शिवाजी नगर में देखने को मिला था, जहां बिना नक्शा पास कराये भवन निर्माण कार्य कर रहे रैयत को नगर प्रशासन के विरुद्ध हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी. हालांकि, हाइकोर्ट ने रैयत को नगर पंचायत से नक्शा पास करा कर भवन निर्माण कराने की अनुमति दी थी. पर, किसी भी कारण से नक्शा पास नहीं हो सका. इसके बावजूद जिला प्रशासन की अनुमति पर रैयत ने भवन निर्माण कार्य शुरू कर दिया. हालाकिं, इस दौरान भी नक्शे की बात गौण ही रही.

नक्शा सही समय पर पास होता, तो भवन निर्माण में नहीं होती परेशानी

रैयतों का कहना है कि अगर नक्शा सही समय पास होता, तो भवन निर्माण शुरू करने में भी रैयतों को कोई परेशानी नहीं होती. लेकिन,भवन निर्माण कार्य के शुरुआती दिनों में नगर प्रशासन की टीम जान-बूझकर स्थल पर नहीं पहुंचती है. जबकि, अमूमन यह देखा जाता है कि अन्य नगर निकायों में नगरपालिका की टीम कार्य के शुरुआती दिनों में ही स्थल का निरीक्षण कर नक्शा पास कराने की नोटिस निर्माण स्थल पर चिपका देती है. लेकिन, यहां अक्सर भवन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद नगर प्रशासन की टीम स्थल पर पहुंच नक्शा पास कराने का दबाव बनाने लगती है. इसके साथ ही नगर पंचायत के कर्मचारी नगरपालिका आवास अधिनियम 2014 का हवाला देते हुए निर्माण कार्य के विरुद्ध कार्रवाई करने की धमकी देते हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी

नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बिना नक्शा पास कराये भवन निर्माण कार्य कर रहे भू-स्वामियों के विरुद्ध शीघ्र ही एक अभियान चला कर कार्रवाई की जायेगी.

ओमप्रकाश सिंह, नगर इओ कोचस

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लेखक के बारे में

Author: PANCHDEV KUMAR

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