किसानों का शोषण कर रही केंद्र भाजपा सरकार : सुबोध मित्रा

SASARAM NEWS.केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर चल रही है. जिस कारण देश के मजदूरों, किसानों, शोषित-उत्पीड़ित जमातों, दबे कुचले समुदायों व जनपक्षधर व जनवादी राजनीतिक संगठनों को सरकार के दमनकारी शासन का दंश झेलना पड़ रहा है.

फजलगंज न्यू स्टेडियम में अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

एआइकेएमकेएस ने शहर में रैली निकाल स्टेडियम में की जनसभा

प्रतिनिधि, सासाराम सदर

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर चल रही है. जिस कारण देश के मजदूरों, किसानों, शोषित-उत्पीड़ित जमातों, दबे कुचले समुदायों व जनपक्षधर व जनवादी राजनीतिक संगठनों को सरकार के दमनकारी शासन का दंश झेलना पड़ रहा है.उक्त बातें एआइकेएमएस के राष्ट्रीय संयोजक सुबोध मित्रा ने बुधवार को फजलगंज न्यू स्टेडियम में आयोजित अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही. सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश सचिव अशोक बैठा ने की. इससे पहले संगठन का शहर के रेलवे मैदान में जुटान हुआ. जिसमें बिहार के अलावा देश के 12 राज्यों से संगठन के 400 नेता पहुंचे. हजारों कार्यकर्ताओं ने सर्वप्रथम शहर के रेलवे मैदान से रैली निकाली. जो शहर के पुराने जीटी रोड, पोस्ट ऑफिस चौक, करगहर मोड़ होते हुए फजलगंज न्यू स्टेडियम पहुंची, जहां सभा में तब्दिल हो गयी. सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अशोक बैठा ने कहा कि मोदी सरकार दलितों, शोषितों व गरीबों का शोषण कर रही है. ऐसे सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है. यह सम्मेलन राजनीतिक नहीं हैं. इसमें शामिल सभी कार्यकर्ता निचले तबके के है.

भूमि अधिकग्रहण का अध्यादेश लाकर छीनी जा रही गरीबों की जमीन

सभा में वक्ताओं ने कहा कि 2014 से भाजपा के नेतृत्व में केंद्र में सरकारी चल रही है. जिसने पहले वर्ष 2013 में आम सहमति से संसद में बने भूमि अधिग्रहण कानून को प्रावधानों को कमजोर करने के लिए पिछले दरवाजे से अध्यादेश लागू कर दिया. वर्ष 2019 में वह संसद से खेती-किसानी को चौपट करने वाले तीन कृषि कानून को पारित करवाने में सफल हो गये. हालांकि इसके बाद किसानों ने देशभर में जमकर विरोध किया. इसके खिलाफ पंजाब में सशक्त किसान आंदोलन भी हुआ. 13 महीने तक चले इस आंदोलन में 732 किसानों ने अपनी शहादत दे दी. अंत में सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेना पड़ा था. लेकिन केंद्र सरकार ने कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति लाकर कृषि कानून को बदलने का प्रयास किया गया. अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन को अरविंद सिन्हा, ओडिशा के प्रांतीय कमेटी के सह संयोजक श्रीकांत मोहंती, ओडिशा के प्रदेश सचिव शंभु महतो, नंदकिशोर सिंह, किसान यूनियन पंजाब के नेता हरदेव सिंह संधु, प्रसादन्ना, पीके शाही, उन्नी कृष्णन, पीके राजन, आर माधवन रेड्डी, महाराष्ट्र प्रदेश के नेता बाबूराव कुम्भरगांव आदि ने संबोधित किया.

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By Vikash Kumar

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