माहवारी स्वच्छता को लेकर किशोरी व युवतियों को किया गया जागरूक

Sasaram news. विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं पीरामल के तत्वावधान में जीएनएम स्कूल व आंबेडकर अनुसूचित जाति-जनजाति स्कूल सासाराम की छात्राओं के बीच माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया.

पीएचसी व आंबेडकर एससी-एसटी आवासीय स्कूल सासाराम में हुई परिचर्चा व प्रतियोगिता

फोटो-5- परिचर्चा में शामिल आंबेडकर एससी-एसटी आवासीय विद्यालय की छात्राएं.

प्रतिनिधि, सासाराम सदरविश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं पीरामल के तत्वावधान में जीएनएम स्कूल व आंबेडकर अनुसूचित जाति-जनजाति स्कूल सासाराम की छात्राओं के बीच माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया. जिसमें किशोरियों, महिलाओं के बीच माहवारी के दौरान स्वच्छता का ख्याल रखना, माहवारी को लेकर समाज में उत्पन्न मिथक दूर करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किशोरियों व महिलाओं के बीच मासिक धर्म के समय देखभाल, महामारी के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई. यह जागरूकता अभियान राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में चलाया जा रहा है. पीरामल स्वास्थ्य की रोजबीन नायक ने छात्राओं को माहवारी के दौरान होने वाली कई समस्याओं को बताया और माहवारी के समय होने वाली परेशानियों से निजात पाने हेतु खुलकर बात करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर महिलाओं में समय के साथ शुरू होती है. उन्होंने छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता को लेकर सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करने की नसीहत दी.

सीएचओ नेहा कुमारी ने सासाराम प्रखंड के बैजला स्थित अंबेडकर अनुसूचित जनजाति कन्या आवासीय विद्यालय में भी माहवारी स्वच्छता को लेकर किशोरियों को जागरूक किया. उन्होंने किशोरियों को बताया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया होती है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है. माहवारी के समय कई किशोरी में पेट दर्द की ज्यादा समस्या देखने को मिलती है. इस तरह की समस्या यदि सामने आए तो घर में मौजूद मां या बड़ी बहन को जरूर बताएं. इसके अलावा माहवारी से जुड़ी किसी भी समस्या को घर में मौजूद बड़ी महिलाओं को बताएं. सीएचओ द्वारा माहवारी के दौरान गंदा कपड़ा इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गयी. सासाराम पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रवेश कुमार ने किशोरियों को पोषण से संबंधित जानकारी दी और कहा कि खान-पान में कमी भी माहवारी के दौरान कई परेशानी उत्पन्न करता है. इसलिए हमें नियमित खानपान पर भी ध्यान देना चाहिए.

हर वर्ष बच्चियों को किया जाता है जागरूक

डीपीसी संजीव मधुकर ने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक वर्ष 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है. लेकिन, तीन से चार दिनों तक जागरूकता अभियान चलाया जाता है. इस दौरान किशोरियों और महिलाओं को माहवारी से जुड़ी समस्याओं के साथ स्वच्छता के बारे में बताई जाती है. इसके अलावा जिला के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र व स्कूलों में माहवारी विषय पर परिचर्चा, क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है और विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाता है ताकि इसके प्रति किशोरियों और महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़े और माहवारी संबंधित किसी भी समस्या पर खुल कर बात कर सके. मौके पर बीसीएम प्रवीण कुमार, बीसीएम इरशाद अली, विद्यालय के हेडमास्टर शंभू कुमार आदि मौजूद थे.

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Published by: Anurag sharan

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