अनुशासन से मिलती है यूपीएससी में सफलता : राज कुमार चौबे

कहते हैं कि पहचान हमें दूसरों से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से बनती है, लेकिन यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता अनुशासन से मिलती है.

फोटो-2- द डीपीएस में सम्मानित होते संस्कृति आईएएस के निदेशक राज कुमार चौबे बिक्रमगंज. कहते हैं कि पहचान हमें दूसरों से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से बनती है, लेकिन यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता अनुशासन से मिलती है. यह प्रेरक संदेश संस्कृति आइएएस अकादमी मुखर्जी नगर नयी दिल्ली के निदेशक और चर्चित शिक्षाविद् राज कुमार चौबे ने दिया. वे सोमवार को बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के द डिवाइन पब्लिक स्कूल में आयोजित मोटिवेशनल सेमिनार में छात्रों को संबोधित कर रहे थे. इस विशेष सेमिनार का विषय था यूपीएससी में सफलता कैसे पाएं, जिसमें विद्यार्थियों को व्यावहारिक सूत्र और सफलता के गुर बताये गये. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में राज कुमार चौबे के भव्य स्वागत से हुई. निदेशक अखिलेश कुमार सहित शिक्षकों व विद्यार्थियों ने स्कूल बैंड के साथ उनका अभिनंदन किया. दीप जला और छात्राओं के स्वागत गीत ने पूरे वातावरण को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया. विद्यालय परिवार ने चांदी का मुकुट और अंगवस्त्र भेंट कर मुख्य अतिथि का सम्मान किया. अपने संबोधन में राज कुमार चौबे ने छात्रों को अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच को जीवन में उतारने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी इन मूल्यों को आत्मसात कर लें तो सफलता निश्चित है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत ही सबसे बड़ा हथियार है. सेमिनार में उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने सवाल रखे और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त किया. अंत में कई छात्रों ने साझा किया कि यह दिन उनके जीवन का अहम मोड़ साबित होगा और उन्हें भविष्य की दिशा तय करने में मदद करेगा. विद्यालय परिवार, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से यह कार्यक्रम सफल रहा.

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By ANURAG SHARAN

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