Rohtas News: गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (GNSU) के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में शुक्रवार को छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से 'इग्नाइट: अनलॉकिंग योर पोटेंशियल' (IGNITE: Unlocking Your Potential) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस विशेष सत्र में वक्ताओं ने वर्तमान दौर की प्रतिस्पर्धी कार्यसंस्कृति पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक व्यावसायिक चुनौतियों के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार रहने का आह्वान किया.
किताबी ज्ञान के साथ संवाद और आत्मविश्वास जरूरी: डीन प्रो. डॉ. एसएस सिंह
संस्थान के डीन प्रो. डॉ. एसएस सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की तेजी से बदलती प्रोफेशनल दुनिया में केवल अकादमिक या किताबी ज्ञान सफलता की गारंटी नहीं है. उन्होंने कहा कि कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनाने के लिए प्रभावी संवाद शैली, आत्मबल और सकारात्मक व्यक्तित्व का होना अनिवार्य है. डीन ने छात्रों से आग्रह किया कि वे सेमिनार में सिखाए गए व्यावहारिक गुरों को अपने दैनिक आचरण और भावी करियर में आत्मसात करें.
स्पोकन इंग्लिश, प्रजेंटेशन और इंटरव्यू स्किल्स पर व्यावहारिक सत्र
'इग्नाइट' पहल के प्रमुख सूत्रधार प्रतीक कुमार सिंह ने बेहद रोचक और ऊर्जावान अंदाज में छात्रों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कई प्रतिभाशाली युवा केवल झिझक और संप्रेषण की कमी के कारण अवसरों से चूक जाते हैं. इस सत्र के दौरान प्रमुख कौशलों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया:
- कम्युनिकेशन व स्पोकन इंग्लिश: बिना हिचकिचाहट के अपनी बात को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से रखने की कला.
- इंटरव्यू व प्रजेंटेशन स्किल्स: कॉर्पोरेट और पेशेवर साक्षात्कारों में आत्मविश्वास के साथ खुद को प्रस्तुत करने के तरीके.
- लीडरशिप व टीमवर्क: कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ समन्वय और नेतृत्व क्षमता का विकास.
- प्रोफेशनल एटिकेट्स: कार्यक्षेत्र में अपेक्षित शिष्टाचार और बॉडी लैंग्वेज का सही संतुलन.
वरिष्ठ प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र रहे उपस्थित
कार्यक्रम की चेयरपर्सन डॉ. संगीता सिंह की गरिमामयी मौजूदगी में आयोजित इस सेमिनार में संस्थान के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस अवसर पर प्रो. डॉ. अशोक कुमार, प्रो. डॉ. डीआर सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. संदीप मौर्या, डॉ. सुमित पाल, डॉ. केके मिश्रा, डॉ. कुमारी ज्योति, डॉ. कल्पना कुमारी, डॉ. आदित्य पटेल, डॉ. प्रभात कुमार सिंह और डॉ. मो. हाशिम सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे.
