Rohtas News : शहर के शेरशाह अभियंत्रण महाविद्यालय में सोमवार को स्टार्टअप पिच डेक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम दीपक कुमार मिश्रा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक आशीष रंजन और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
डीएम बोले- अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे उद्यमिता में बदलने का सबसे उपयुक्त अवसर है. उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार आधारित विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने और प्रभावी पिच डेक के माध्यम से निवेशकों के सामने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने का आह्वान किया. उन्होंने शिक्षकों से भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और विभिन्न विभागों के छात्रों को जोड़कर इंटरडिसिप्लिनरी इनोवेशन को बढ़ावा देने की अपील की.
स्टार्टअप नीति और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक आशीष रंजन ने बिहार सरकार की स्टार्टअप नीति, वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने युवाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया.
रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें छात्र
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि कॉलेज तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को भी समान महत्व दे रहा है. उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है.
ड्रोन तकनीक ने खींचा सभी का ध्यान
कार्यशाला में फैकल्टी इंचार्ज शैलेश सौरभ ने प्रभावी पिच डेक तैयार करने की तकनीक और निवेशकों के समक्ष प्रस्तुति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी. जिला स्टार्टअप सेल समन्वयक नीतीश कुमार दुबे ने डिजिटल बैंकिंग, कंपनी पंजीकरण, मेंटरशिप और व्यवसाय विस्तार की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की.
छात्रों ने पेश किए स्टार्टअप आइडिया
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए, जिनकी अतिथियों ने सराहना करते हुए उपयोगी सुझाव दिए. कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र सुमित द्वारा प्रदर्शित ड्रोन तकनीक प्रतिभागियों के आकर्षण का केंद्र रही. छात्रों ने ड्रोन के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की.
