पांच मार्च 2015 को होली के दिन गाना बजाने से मनाकर पर घटना को दिया था अंजाम प्रतिनिधि, सासाराम कोर्ट हत्या से जुड़े 10 वर्ष पुराने एक मामले में सुनवाई करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ, अनिल कुमार की अदालत ने मामले में छह अभियुक्त राजेंद्र पांडेय, मुटूरू पांडेय, अमतेश्वर पांडेय, महावीर पांडेय, अनिल पांडेय व उपेंद्र पांडेय को दोषी करार दिया है. सभी दोषी करगहर के बड़की खराड़ी निवासी है. मामले की प्राथमिकी 10 वर्ष पहले करगहर थाना कांड संख्या 60/2015 में दर्ज हुई थी. इस मामले का ट्रायल सत्रवाद संख्या 639/ 2015 में चल रहा था. मामले में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि घटना करगहर थाना क्षेत्र के खराड़ी गांव में होलिका दहन के दिन 5 मार्च 2015 को रात्रि 10:00 बजे में घटी थी. घटना तिथि को मामले के सूचक अनिल सिंह निवासी बड़की खराड़ी, करगहर होली अपने घर से बुढ़वा शंकर मंदिर पर होलिका दहन करने गये थे. जहां सभी अभियुक्त लाउडस्पीकर पर जोर-जोर से होली का गाना सुन रहे थे. सूचक ने जब अभियुक्तों को तेज गाना सुनने से मना किया, जिस पर सभी अभियुक्त क्रोधित हो गये और सूचक को लाठी डंडे से मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया था. इलाज के क्रम में वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल में सूचक की मौत हो गयी थी. इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल सात गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज करायी गयी थी. कोर्ट ने अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान की धारा 302, 307, 323, 341, 147, 342 एवं धारा 34 में दोषी ठहराया है. कोर्ट छह नवंबर को सजा के बिंदु पर अपना फैसला सुनायेगी.
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