सासाराम सदर. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर गुरुवार को सदर अस्पताल सासाराम के मनोरोग विभाग में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों को आत्महत्या से बचाव, मानसिक तनाव के प्रबंधन और उपचार के उपायों की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक तनाव और अवसाद को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है.
तनाव और अवसाद के लक्षणों को समय पर पहचानना जरूरी
एनसीडीओ डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि तनावपूर्ण जीवनशैली व्यक्ति को आत्महत्या की ओर प्रेरित कर सकती है. भय, उदासी, नींद की कमी, चिड़चिड़ापन, आवेश और लगातार मानसिक दबाव अवसाद के संकेत हो सकते हैं. ऐसे लक्षणों को समय रहते पहचानकर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. उन्होंने लोगों को पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन, योग और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने तथा सकारात्मक सोच का अभ्यास करने की सलाह दी.
आत्महत्या का विचार आए तो मदद मांगने में न करें संकोच
सदर अस्पताल के कार्यकारी अधीक्षक डॉ. बीके पुष्कर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य में गड़बड़ी महसूस होने पर मनोरोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति से जूझ रहे लोगों को अपने मन की बात परिवार और दोस्तों से साझा करनी चाहिए. मदद मांगने में किसी तरह का संकोच नहीं होना चाहिए. दमित भावनाओं को बाहर निकालना और जरूरत पड़ने पर दवा व मनोचिकित्सकीय उपचार लेना बेहद जरूरी है.
आत्महत्या का विचार गंभीर मानसिक समस्या का संकेत
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. विप्लव कुमार सिंह ने बताया कि आत्महत्या का विचार मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसका समय पर उपचार संभव है. उन्होंने परिजनों से ऐसे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सतर्क रहने तथा उन्हें भावनात्मक एवं सकारात्मक सहयोग देने की अपील की.
टेली-मानस सेवा 14416 से 24 घंटे सहायता
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की टेली-मानस सेवा 14416 के माध्यम से 24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध है.
कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में योगेन्द्र कुमार, साइकायट्रिक नर्स के. महेश्वरन, बीरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार, सुजाता कुमारी समेत अन्य कर्मी मौजूद थे.
