Sasaram News: (सुजीत कुमार) रोहतास के शिवसागर प्रखंड की सोनहर पंचायत स्थित मदैनी गांव का वार्ड संख्या-7 आज भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जूझ रहा है. लाखों रुपये की लागत से निर्मित जलमीनार ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई थी, लेकिन चार वर्षों बाद भी यह योजना धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है.
ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार वर्ष पूर्व जलापूर्ति योजना के तहत टंकी और पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया गया था. उस समय लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. हालांकि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद आज तक एक भी घर तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.
महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
पेयजल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है. सुबह होते ही पानी के इंतजाम के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है. घरेलू कामकाज से लेकर पशुओं की जरूरतें पूरी करने तक के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है. गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
निजी नलकूप बना एकमात्र सहारा
सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने के कारण पूरे वार्ड के लोग एक निजी नलकूप पर निर्भर हैं. यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण बाल्टी, टब और गैलन लेकर पानी भरने के लिए जुटते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह निजी व्यवस्था भी बंद हो जाए, तो पूरे इलाके में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है.
शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार जिला और अनुमंडल प्रशासन के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया. कई अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और समाधान का आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
योजना पर खर्च बेकार, उठ रहे सवाल
वार्डवासियों का कहना है कि जब तक योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचे, तब तक विकास कार्य अधूरा ही माना जाएगा. लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जलमीनार से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
जलापूर्ति शुरू कराने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब पहल करते हुए जलमीनार को चालू कराया जाए और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके.
Also Read: रोहतास के नोखा में जल्द बनेगा डीलक्स सार्वजनिक शौचालय, खरीदे जाएंगा एसी शव वाहन
